Basava Jayanti 2025 Wishes: बसव जयंती के इन शानदार WhatsApp Stickers, GIF Greetings और HD Wallpapers को शेयर कर दें शुभकामनाएं
बसव जयंती (Basava Jayanti) एक हिंदू त्यौहार है. यह मुख्य रूप से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में लिंगायतों द्वारा भगवान बसवन्ना के जन्मदिन के सम्मान में मनाया जाता है. इन सभी राज्यों में यह राजकीय अवकाश होता है. भगवान बसवन्ना लिंगायत धर्म के संस्थापक थे और उनके जन्मदिन को एक नए युग की शुरुआत के रूप में माना जाता है...
Basava Jayanti 2025 Wishes: बसव जयंती (Basava Jayanti) एक हिंदू त्यौहार है. यह मुख्य रूप से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में लिंगायतों द्वारा भगवान बसवन्ना के जन्मदिन के सम्मान में मनाया जाता है. इन सभी राज्यों में यह राजकीय अवकाश होता है. भगवान बसवन्ना लिंगायत धर्म के संस्थापक थे और उनके जन्मदिन को एक नए युग की शुरुआत के रूप में माना जाता है, जिसे बसवन्ना (Basavanna) युग या बसवेश्वर (Basaveshwar) युग कहा जाता है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार भगवान बसवेश्वर का जन्मदिन आमतौर पर वैशाख महीने के तीसरे दिन पड़ता है. बसव जयंती की तिथि हर साल बदलती रहती है. यह भी पढ़ें: Basava Jayanti 2025 Greetings: बसव जयंती पर इन शानदार WhatsApp Stickers और HD Wallpapers भेजकर दें बधाई
बसवन्ना का जन्म 12वीं शताब्दी में बागेवाड़ी में हुआ था, जो हुनुगुंड से 20 किलोमीटर दूर है. कुछ इतिहासकारों का कहना है कि उनका जन्म इंगलेश्वर में हुआ था. उनके पिता का नाम मदरस और माता का नाम मदालम्बे था. उन्होंने अपना बचपन कुदालसंगमा में बिताया और गंगाम्बिके से विवाह किया. उनकी पत्नी गंगाम्बिके बिज्जल के प्रधानमंत्री की बेटी थीं. बिज्जल कलचुरी राजा थे. बसवन्ना ने एक एकाउंटेंट के रूप में काम करना शुरू किया. बाद में उन्हें बिज्जल ने मुख्यमंत्री बनने के लिए आमंत्रित किया.
बसवन्ना एक महान कवि, समाज सुधारक और दार्शनिक निकले. कविता के माध्यम से उन्होंने सामाजिक जागृति फैलाना शुरू किया. लिंग या सामाजिक पूर्वाग्रह को खारिज कर दिया गया और उनके द्वारा इष्टलिंग हार पेश किया गया. बिज्जल के राज्य के मुख्यमंत्री होने के नाते, बसवन्ना ने अनुभव मंडप की शुरुआत की, जो बाद में सभी वर्गों के लोगों के लिए जीवन के आध्यात्मिक मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने का सामान्य केंद्र बन गया. बसवेश्वर के साहित्यिक कार्यों में वचन साहित्य शामिल है. बसव जयंती के इस शुभ अवसर पर आप इन शानदार विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स को शेयर कर शुभकामनाएं दे सकते हैं.
1. बसवन्ना की शिक्षाएं हमें एक ऐसे समाज की ओर काम करने के लिए प्रेरित करें
जहां करुणा और न्याय सर्वोच्च हो."
बसव जयंती की बधाई!

2. यह बसव जयंती है, जो हमें बसवन्ना के आदर्शों से प्रेरणा लेने और
उन्हें अपने जीवन में लागू करने का अवसर प्रदान करती है
बसव जयंती की बधाई!

3. बसवन्ना की शिक्षाओं से प्रेरणा लें और
एक बेहतर दुनिया बनाने में अपना योगदान दें.
बसव जयंती की शुभकामनाएं!

4. बसव जयंती पर, आइए बसवन्ना के सिद्धांतों का पालन करें और
एक ऐसे समाज की स्थापना करें जो समानता, प्रेम और शांति से भरा हो."
बसव जयंती की शुभकामनाएं!

5. बसवन्ना के दिव्य आशीर्वाद आप पर सदा बनी रहे."
बसव जयंती की बधाई!

हम कह सकते हैं कि बसवन्ना देश के सर्वश्रेष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं में से एक थे. कर्नाटक में, भक्ति आंदोलन की दो प्राथमिक श्रेणियां थीं. भक्ति आंदोलन का पहला रूप मदार चेन्नई ने शुरू किया था. बाद में, बसवन्ना ने इसे जारी रखा. भक्ति आंदोलन का दूसरा रूप वचन साहित्य पर आधारित था. इन सुधारों के माध्यम से समाज में कई बदलाव लाए गए. भक्ति मार्ग का समर्थन बसवन्ना ने किया, जिन्होंने कहा "जाति, रंग और आर्थिक स्थिति के बावजूद हर कोई समान है."
बसवन्ना ने शरण समुदाय के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसने अक्का महादेवी और अल्लम प्रभु जैसे महान समाज सुधारक और कवियों को जन्म दिया. उनकी मान्यताएं और शिक्षाएं जबरदस्त थीं. कुछ लोगों ने उनकी शिक्षाओं का पूरी तरह से पालन किया और कुछ ने नहीं. उन्होंने समाज की बुरी प्रथाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी और अपने गहन सामाजिक ज्ञान और कविता के माध्यम से समाज को बदलने की कोशिश की.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 30, 2025 07:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

