Parivartini Ekadashi 2022: सभी पाप कर्मों से मुक्ति दिलानेवाली परिवर्तिनी एकादशी! जानें शुभ योग में पड़ रहे इस व्रत का महत्व, मुहूर्त, व्रत-पूजा नियम एवं व्रत-कथा!
अक्सर सवाल किये जाते हैं कि चातुर्मास काल में जब भगवान विष्णु योग-निद्रा में लीन होते हैं, तो ऐसी स्थिति में क्या उनकी पूजा एवं व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त होता है? इस संदर्भ में ज्योतिष शास्त्री पंडित सुनील दवे का कहना था कि चातुर्मास काल में भगवान विष्णु, सूर्यदेव, मंगलदेव, माँ दुर्गा एवं हनुमानजी की पूजा करने से दुगना पुण्य प्राप्त होता है.