रुद्रपुर. उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति के साथ मारपीट और जबरन धार्मिक नारे लगवाने का गंभीर मामला सामने आया है. यह घटना जगतपुरा स्थित प्रसिद्ध अटरिया मंदिर के पास की बताई जा रही है. आरोप है कि पीड़ित व्यक्ति, जो रेशम बाड़ी का निवासी है, ने मंदिर के सामने एक खाली जमीन पर नमाज अदा की थी, जिसके बाद कुछ लोगों ने लाठियों से उन पर हमला कर दिया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है.
खाली जमीन पर नमाज अदा करने का दावा
पीड़ित शाहिद के अनुसार, वह पिछले कई दिनों से मंदिर के पास काम कर रहे थे. उन्होंने दावा किया कि जिस जमीन पर उन्होंने नमाज पढ़ी, वह मंदिर परिसर से काफी दूर है. हालांकि, वायरल वीडियो में कुछ लोग उन्हें घेरकर गाली-गलौज करते और लाठियों से पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं. शाहिद का आरोप है कि उन्हें एक विशेष धार्मिक नारा लगाने के लिए भी मजबूर किया गया. यह भी पढ़े: Bareilly: बिना अनुमति घर में सामूहिक नमाज पढ़ने पर 12 गिरफ्तार, प्रशासन ने ‘नई परंपरा’ रोकने के लिए की कार्रवाई
बुजुर्ग के साथ मारपीट
"How dare you offer Namaz on Brahmin's land?"
Shahid, A daily labour who was praying in an open field in Rudrapur, Uttarakhand, was kicked, beaten, made to apologize, and forced to chant 'Jai Shri Ram'.
The person seen beating him was Arvind Sharma, Temple Manager. A complaint… pic.twitter.com/SGCjPmn4Mp
— Mohammed Zubair (@zoo_bear) February 25, 2026
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शाहिद के साथ स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. समुदाय के सदस्यों ने दावा किया कि हमलावरों में से एक व्यक्ति हत्या का दोषी है और वर्तमान में पैरोल पर बाहर है. पुलिस ने शाहिद को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया है और आश्वासन दिया है कि शिकायत के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
मंदिर प्रबंधन और राजनीतिक प्रतिक्रिया
अटरिया मंदिर के प्रबंधक अरविंद शर्मा ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि मंदिर की भूमि पर किसी अन्य धर्म से जुड़ी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, भले ही इसके लिए उन पर मामला दर्ज हो जाए.
दूसरी ओर, इस घटना की राजनीतिक स्तर पर भी निंदा हो रही है. नगर पार्षद परवेज कुरैशी ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि अगर किसी को आपत्ति थी, तो प्रशासन को सूचित किया जाना चाहिए था. वहीं, कांग्रेस नेता सोफिया नाज ने इसे सामाजिक सौहार्द के लिए हानिकारक बताया और राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है.
कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती
रुद्रपुर पुलिस फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट न करने की हिदायत दी गई है.













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