बरेली: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बरेली (Bareilly) जिले के बिशारतगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोहम्मदगंज गांव (Mohammadganj Village) में पुलिस ने शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को एक निजी घर में सामूहिक नमाज (Namaz) आयोजित करने के आरोप में 12 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि यह आयोजन बिना किसी कानूनी अनुमति के किया गया था, जो कि इलाके में लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन है.
एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की टीम मोहम्मदगंज गांव पहुंची, जहां एक निवासी के घर पर सामूहिक नमाज अदा की जा रही थी. नमाज का नेतृत्व पास के गांव के एक इमाम कर रहे थे. पुलिस को देखते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तीन लोग भागने में सफल रहे, जबकि इमाम सहित 12 लोगों को हिरासत में ले लिया गया.
कार्यवाहक थाना प्रभारी अनीस अहमद ने बताया कि यह कार्रवाई गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है. पकड़े गए सभी आरोपियों को शनिवार को आंवला एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई. यह भी पढ़ें: 'Jeeja Saali' Suicide in Hardoi: हरदोई में 'जीजा-साली' ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, प्रेम संबंधों का था मामला, लखनऊ-दिल्ली रेल मार्ग पर हुई घटना
बरेली में बिना इजाज़त शुक्रवार की नमाज़ पढ़ने के आरोप में 12 लोग गिरफ्तार
#बरेली में एक मकान में अस्थाई मदरसा बनाया गया. फिर इसी मदरसे में सामूहिक नमाज होने लगी. ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने नमाज पढ़ते 12 नमाजी अरेस्ट किए है pic.twitter.com/WOvPjnRFY2
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) January 18, 2026
यूपी में बिना इजाजत नमाज़ पढ़ने के आरोप में 12 लोग गिरफ्तार
The 12 arrested for offering prayers in Bareilly, Uttar Pradesh. https://t.co/ETbxtVcfba pic.twitter.com/0RdFVLNRxo
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) January 18, 2026
विवाद की पृष्ठभूमि और मदरसा निर्माण
यह मामला गांव में चल रहे एक पुराने विवाद से जुड़ा है. स्थानीय निवासी तारिक खान द्वारा बनाई गई एक संरचना को लेकर पड़ोसियों ने आपत्ति जताई थी. पड़ोसियों का दावा था कि इस भवन का उपयोग मदरसे के रूप में किया जाना है. हालांकि, तारिक खान ने पहले उप-जिलाधिकारी (SDM) को लिखित आश्वासन दिया था कि यह निर्माण निजी उपयोग के लिए है और यहां कोई धार्मिक गतिविधि नहीं होगी.
प्रशासन के अनुसार, निजी घरों का धार्मिक सभाओं के लिए उपयोग करना पूर्व के लिखित समझौतों और स्थानीय नियमों का उल्लंघन है.
कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
बरेली पुलिस प्रशासन मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में "नई परंपरा" की शुरुआत को रोकने के लिए पिछले कुछ वर्षों से काफी सख्त रहा है. पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि सार्वजनिक या गैर-धार्मिक इमारतों में बिना अनुमति के भीड़ जुटने से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा रहता है.
घटना के बाद से मोहम्मदगंज गांव में एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी धार्मिक या सामूहिक आयोजन के लिए उचित प्रशासनिक अनुमति लेने की अपील की है.













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