नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) की पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) ने मंगलवार (24 फरवरी 2026) को 'AI समिट' (AI Summit) विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को प्राथमिकी (FIR) की कॉपी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए. यह आदेश भारतीय युवा कांग्रेस (Indian Youth Congress) (IYC) के अध्यक्ष उदय भानु चिब (Uday Bhanu Chib) और अजय कुमार विमल (Ajay Kumar Vimal) द्वारा दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए दिया गया. यह भी पढ़ें: India AI Impact Summit 2026 Final Day: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जारी की विशेष एडवाइजरी, भारत मंडपम के आसपास इन रास्तों पर रहेगी पाबंदी
कोर्ट की कार्यवाही और निर्देश
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) ने दिल्ली पुलिस की दलीलों और आरोपियों के पक्ष को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष सुनवाई और बचाव के अधिकार के तहत आरोपियों को उनके खिलाफ दर्ज FIR की जानकारी मिलना जरूरी है.
हालाँकि, रिमांड आवेदन की कॉपी के लिए कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के समक्ष अलग से आवेदन करना होगा, क्योंकि अब इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई है.
पुलिस का विरोध और वकील की दलील
आरोपियों की ओर से पेश वकील रूपेश सिंह भदौरिया ने दलील दी थी कि निर्देशों के बावजूद पुलिस FIR की कॉपी साझा नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि 'बिना FIR की कॉपी के वे अपने क्लाइंट का बचाव प्रभावी ढंग से नहीं कर पाएंगे.'
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने इस आवेदन का विरोध करते हुए तर्क दिया कि यह मामला 'संवेदनशील प्रकृति' का है, इसलिए इसकी प्रति आरोपियों को नहीं दी जा सकती. सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक (APP) अतुल श्रीवास्तव ने सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि FIR की जानकारी देना अनिवार्य है, लेकिन भौतिक कॉपी देना हमेशा जरूरी नहीं होता. यह भी पढ़ें: India AI Impact Summit 2026: पीएम मोदी ने स्टार्टअप्स को दिया 'मातृभाषा' का मंत्र, एथिकल टेक्नोलॉजी और स्वदेशी समाधानों पर दिया जोर
उदय भानु चिब को 4 दिन की पुलिस रिमांड
इसी मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को चार दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. चिब को AI समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस अब रिमांड के दौरान उनसे घटना और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी.
मामले की पृष्ठभूमि
यह पूरा विवाद दिल्ली में आयोजित 'AI समिट' के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है. प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालने के आरोप लगे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अब क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है, जो इस विरोध प्रदर्शन के पीछे की योजना और मुख्य साजिशकर्ताओं की जांच कर रही है.












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