इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa province) में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. मंगलवार (24 फरवरी 2026) को कोहाट जिले में अज्ञात बंदूकधारियों (Unidentified Assailant) ने पुलिस के एक वाहन पर घात लगाकर हमला किया. इस भीषण हमले में एक डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) और एक इंस्पेक्टर सहित कुल सात लोगों की मौत हो गई. हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया और मौके से फरार हो गए. यह भी पढ़ें: Pakistan Suicide Bombing: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती कार हमला, 11 सुरक्षाकर्मियों की मौत; फिदायीन विस्फोट से मची तबाही
कोर्ट ले जाते समय हुआ हमला
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और 'डॉन' (Dawn) अखबार के अनुसार, पुलिस की यह गाड़ी दो व्यक्तियों को कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही थी. इसी दौरान घात लगाए बैठे हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इस हमले में DSP, एक इंस्पेक्टर और चार कांस्टेबलों सहित छह पुलिसकर्मियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वाहन में मौजूद उन दो व्यक्तियों में से भी एक की इस गोलीबारी में मौत हो गई.
एम्बुलेंस और सुरक्षा चौकियों पर बढ़ते हमले
यह घटना सोमवार को हुए एक अन्य हमले के ठीक बाद हुई है, जिसमें खैबर पख्तूनख्वा के करक जिले में तीन फ्रंटियर कांस्टेबुलरी (FC) के जवान मारे गए थे. उस समय घायल जवानों को अस्पताल ले जा रही एक एम्बुलेंस को निशाना बनाया गया था. अधिकारियों ने बताया कि ये जवान पहले एक 'क्वाडकाप्टर' (ड्रोन) हमले में घायल हुए थे. पिछले कुछ दिनों में सुरक्षा बलों और उनके बचाव वाहनों पर हमलों की आवृत्ति में तेजी आई है.
हालिया घटनाओं का सिलसिला
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत पिछले कुछ हफ्तों से लगातार आतंकी हिंसा का केंद्र बना हुआ है:
- 16 फरवरी: बाजौर जिले में एक आत्मघाती कार बम धमाके में 11 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे. यह हमला अफगानिस्तान सीमा के पास एक सुरक्षा चौकी पर हुआ था, जिससे पूरी इमारत ढह गई थी.
- नागरिक हताहत: इन हमलों में न केवल सुरक्षा बल बल्कि आम नागरिक भी अपनी जान गंवा रहे हैं. बाजौर हमले में एक बच्चे की भी मौत हुई थी और कई घर क्षतिग्रस्त हुए थे.
क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और पृष्ठभूमि
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में साल 2022 के बाद से आतंकवादी गतिविधियों में भारी उछाल आया है. विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के बीच युद्धविराम (सीजफायर) खत्म होने के बाद से सुरक्षा स्थिति काफी बिगड़ी है.
अधिकारियों ने कोहाट हमले के बाद इलाके की घेराबंदी कर दी है और हमलावरों की तलाश में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया है. हालांकि, अभी तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.












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