Mahashivratri 2022: क्या है भगवान शिव की तीसरी आंख का रहस्य? कब और क्यों खोली शिवजी ने तीसरी आंख?
भगवान शिव जितने सरल हैं, उतना ही विकट स्वरूप है उनका. गले में सर्पों की माला, बदन पर भस्म, कानों में बिच्छू के कुंडल, तन पर बाघंबर, मस्तष्क पर चंद्रमा, जटाओं में गंगा, ललाट पर त्रिनेत्र, एक हाथ में डमरू दूसरे में संहारक त्रिशूल और वाहन नंदी. इन सभी प्रतीक चिह्नों के पीछे कुछ ना कुछ गूढ़ अर्थ छिपा हुआ है...