सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता गिजेल पेलिको की आपबीती एक किताब में
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

पति की क्रूरता, धोखाधड़ी और यौन उत्पीड़न के अलावा कई और लोगों के दुष्कर्म झेलने के बाद गिजेल पेलिको ने अपनी किताब छापी. इसका नाम है "ए हिम टू लाइफ".गिजेल ने पीड़ित बनकर रहने के बजाय लड़ने का रास्ता चुना. उनके पति उन्हें नशीली दवाएं देकर बेहोश कर देते थे और फिर सालों तक उनके साथ दरिंदगी करवाते रहे. इस भयानक अनुभव से उबरने के बाद, अब उन्होंने अपनी किताब में बताया है कि कैसे वो अपनी जिंदगी फिर से जीने के रास्ते पर बढ़ीं. उनकी किताब का नाम है "ए हिम टू लाइफ".

दक्षिणी फ्रांस के माजान स्थित अपने छोटे से घर में वह आखिरी बार नाश्ता कर रही थीं. नवंबर 2020 की उस सुबह, गिजेल पेलिको को अंदाजा भी नहीं था कि उनकी अब तक की सामान्य जिंदगी हमेशा के लिए खत्म होने वाली है. उन्हें पास के पुलिस स्टेशन से बुलावा आया था और वे बस उसी मुलाकात के लिए निकल रही थीं.

दो महीने पहले, उनके पति डोमिनिक पेलिको को गिरफ्तार किया गया था. उन्हें एक सुपरमार्केट में महिलाओं की स्कर्ट के नीचे वीडियो बनाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था. डोमिनिक ने कसम खाकर कहा था कि यह बस एक बार की गलती थी. उसने थेरेपी कराने का वादा भी किया था और एक वफादार पत्नी होने के नाते गिजेल उसका साथ देने का पूरा मन बना चुकी थीं.

जब एक पुलिस अधिकारी गिजेल पेलिको को अलग कमरे में ले गया, तो उन्हें रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि अब वे अपने पति को अदालत के बाहर कभी नहीं देख पाएंगी.

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अधिकारी ने उन्हें एक महिला के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न की तस्वीरें दिखाई. शुरुआत में, वह यह समझ ही नहीं पाईं कि तस्वीरों में दिख रही महिला वे खुद थीं. जांचकर्ताओं को उनके पति के पास से गैर-सहमति से बनाए गए यौन संबंधों की 20,000 से भी ज्यादा तस्वीरें मिलीं.

डोमिनिक पेलिको 10 साल तक अपनी पत्नी को लगातार नशीली दवाएं देता रहा और डार्क वेब के जरिए अपने ही पड़ोस के पुरुषों को बुलाकर बेहोशी की हालत में उनका रेप करवाता रहा. उसने कम से कम 200 बार इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया.

‘शर्म को अब अपना पाला बदलना होगा'

इस मामले को लेकर फ्रांस की एक अदालत में डोमिनिक पेलिको और उसके उन 50 सहयोगियों पर 2024 में सितंबर से दिसंबर तक मुकदमा चला जिनकी पहचान की गई थी. अदालत ने 51 लोगों को गिजेल पेलिको के बलात्कार के मामले में दोषी करार दिया है. पेलिको के पूर्व पति और दूसरे आरोपियों को 20 साल से 3 साल तक की सजा सुनाई गई.

गिजेल पेलिको पूरी दुनिया में महिलाओं की हिम्मत की मिसाल बन गईं. वह नारीवादी आंदोलन का एक वैश्विक चेहरा बनकर उभरीं. मुकदमा शुरू होने से हफ्तों पहले उन्होंने तय कर लिया था कि सुनवाई सार्वजनिक होगी और इस लड़ाई का एक चेहरा होगा, वह खुद.

उन्होंने मांग की कि वे भयानक वीडियो भरी अदालत में दिखाए जाएं. उन्होंने कहा, "शर्म को अब अपना पाला बदलना होगा”. उन्होंने न केवल गुनहगारों को जवाबदेह ठहराया, बल्कि उस संस्कृति को भी चुनौती दी जहां अक्सर पीड़िता को ही दोष दिया जाता है.

साढ़े तीन महीने तक चले इस मुकदमे के दौरान, गिजेल का सामना हर दिन महिलाओं की बढ़ती भीड़ से होता था जो उनकी हिम्मत की सराहना करती थीं. दुनिया भर के मीडिया घरानों ने उनकी हिम्मत को प्रमुखता से दिखाया. साथ ही, बचाव पक्ष के वकीलों द्वारा उन्हें अपमानित करने की कोशिशों और उनके साथ हुए बुरे बर्ताव की जानकारी को भी विस्तार से कवर किया गया.

अदालती कार्यवाही में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी ने अपनी दोनों बहुओं के नहाते समय चोरी-छिपे वीडियो बनाए थे. इतना ही नहीं, उसने अपनी बेटी की सोते समय की नग्न तस्वीरें भी रखी थीं, जिसमें उसने ऐसे अंतःवस्त्र पहने हुए थे जो उसके नहीं थे. क्या उसकी बेटी का भी यौन उत्पीड़न हुआ था, यह बात अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है. अधिकारी अब हत्या के शक में उसकी जांच कर रहे हैं.

अपने लिए मुखर हुई गिजेल

अदालत ने डोमिनिक पेलिको को 20 साल जेल की सजा दी. फ्रांस के कानून में बलात्कार के लिए यह सबसे बड़ी सजा है. उसके साथ शामिल बाकी 50 अपराधियों को भी कई सालों के लिए जेल भेज दिया गया है. ऐसे मुश्किल दौर से गुजरने वाली महिला के मन में क्या चल रहा होगा जिसके साथ हुए यौन शोषण की घटना को दुनिया भर के मीडिया संस्थानों ने कवर किया और जिसने अब अपनी जिंदगी नए सिरे से शुरू की है.

हालांकि, उन्होंने कानूनी तौर पर अब अपने जन्म के नाम ‘गिजेल गिलू' को फिर से अपना लिया है, लेकिन संस्मरण उसी नाम से प्रकाशित किया है जिससे दुनिया उन्हें जानती है. पत्रकार जूडिथ पेरिग्नन के साथ मिलकर लिखी गई उनकी इस किताब का शीर्षक है: ‘ए हिम टू लाइफ: शेम मस्ट चेंज साइड्स'. यह किताब एक साथ 22 भाषाओं में प्रकाशित हो रही है.

73 वर्षीय गिजेल का कहना है कि अब तक उनके बारे में जो कुछ भी लिखा गया, उन्हें कभी नहीं लगा कि उनमें उनकी कहानी को सही ढंग से पेश किया गया है. उन्हें लगा कि उन लेखों में उनकी असली शख्सियत या उनके दर्द को ठीक से नहीं दिखाया गया.

वह अपने शब्दों में अपने बचपन, मां को जल्दी खो देने और उस व्यक्ति से मुलाकात का जिक्र करती हैं जिस पर उन्होंने अपना पूरा भरोसा जताया और बाद में शादी की. वह अपने तीन बच्चों की परवरिश के बारे में लिखती हैं. साथ ही, वह यह भी लिखती हैं कि प्रोफेशनल जिंदगी में भी वह अपने पति से ज्यादा सफल थीं, लेकिन इस बात का उनकी जिंदगी पर कभी असर नहीं पड़ा.

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फिर वह गहरा सदमा: यह जानना कि उसी व्यक्ति ने उनकी बेहोशी का फायदा उठाकर अपनी सबसे विकृत सोच को अंजाम दिया. वह उन्हें नियमित रूप से भारी नशीली दवाएं देता रहा, जिससे उनकी याददाश्त जाने, अत्यधिक थकान और पेल्विक इन्फेक्शन जैसे गंभीर खतरों का जोखिम बना रहा.

इस मामले का खुलासा होने के बाद उन्होंने अपने पति से तलाक ले लिया. कोर्ट में, उनके उस समय के पति ने वीडियो और फोटो दोबारा देखने से मना कर दिया.

‘मैं अब भी दूसरों पर भरोसा कर पाती हूं'

अपनी किताब में गिजेल पेलिको ने बताया है कि क्यों वह इतने लंबे समय तक अपनी खुशहाल शादी की यादों को संजोए रहीं. यहां तक कि वे जेल में बंद अपने पति को धुले हुए साफ कपड़े भी भेजती रहीं. वे लिखती हैं कि इसके पीछे उनकी देखभाल करने की आदत तो थी ही, लेकिन सबसे बड़ी बात यह थी कि वह सब कुछ ‘समझना' चाहती थीं. उनकी यह जरूरत उनके बच्चों की समझ से बाहर थी और वे इस बात से काफी नाराज थे.

मुकदमे की कार्यवाही, लोगों का अत्यधिक ध्यान और परिवार के रहस्य सामने आने से, बच्चों और भाई-बहनों के साथ गिजेल के रिश्ते पर काफी ज्यादा दबाव पड़ा. किताब कुछ हद तक यह भी बताती है कि जो कुछ भी हुआ, उन्होंने उसका सामना कैसे किया. गिजेल पेलिको खुद को अपने पति पर विजयी मानती हैं. यहां तक कि उन्हें फिर से प्यार भी मिल गया है. वे लिखती हैं, "मैं मरी नहीं हूं. मैं आज भी दूसरों पर भरोसा कर सकती हूं.”

डोमिनिक पेलिको के गुनाहों को सामने आए अब पांच साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है. उनकी पूर्व पत्नी ने अपनी जिंदगी वापस पा ली है और उसमें अपनी खुशियां फिर से ढूंढ ली है.