मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती को लेकर हर साल की तरह इस बार भी दो तारीखें चर्चा में हैं. महाराष्ट्र सरकार और आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, शिव जयंती 19 फरवरी 2026 (गुरुवार) को मनाई जा रही है. हालांकि, हिंदू पंचांग और सांस्कृतिक परंपराओं को मानने वाले शिव भक्त इसे 'तिथि' के अनुसार मनाने की तैयारी कर रहे हैं. पंचांग की गणना के अनुसार, साल 2026 में तिथि आधारित शिव जयंती 6 मार्च 2026 (शुक्रवार) को पड़ रही है.
तिथि के अनुसार क्यों मनाया जाता है जन्मोत्सव?
छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हिंदू कैलेंडर के अनुसार 'शालिवाहन शक 1551' के फाल्गुन वद्य तृतीया को हुआ था. कई पारंपरिक संगठन और शिव प्रेमी इसी तिथि को ही वास्तविक जन्मोत्सव मानते हैं. चूंकि हिंदू पंचांग के दिन चंद्रमा की गति पर आधारित होते हैं, इसलिए अंग्रेजी कैलेंडर (ग्रेगोरियन) के अनुसार इसकी तारीख हर साल बदलती रहती है.
19 फरवरी का ऐतिहासिक आधार
महाराष्ट्र सरकार ने इतिहासकारों की एक समिति की सिफारिशों के आधार पर 19 फरवरी 1630 को शिवाजी महाराज की आधिकारिक जन्मतिथि के रूप में स्वीकार किया है. यही कारण है कि 19 फरवरी को पूरे महाराष्ट्र में सार्वजनिक अवकाश होता है और आधिकारिक तौर पर 'शिवनेरी' किले समेत राज्य भर में बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.
2026 की महत्वपूर्ण तिथियां और मुहूर्त
हिंदू पंचांग (द्रिक पंचांग) के अनुसार, वर्ष 2026 के लिए मुख्य समय इस प्रकार है:
तृतीया तिथि प्रारंभ: 5 मार्च 2026, शाम 05:03 बजे से.
तृतीया तिथि समाप्त: 6 मार्च 2026, शाम 05:53 बजे तक.
उदया तिथि के अनुसार उत्सव: 6 मार्च 2026 (शुक्रवार).
कैसे मनाया जाता है यह उत्सव?
शिव जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र का कोना-कोना 'जय भवानी, जय शिवाजी' के नारों से गूंज उठता है. विशेष रूप से पुणे, मुंबई, नासिक और कोल्हापुर में भव्य शोभा यात्राएं निकाली जाती हैं. लोग किलों पर जाकर महाराज की प्रतिमा को नमन करते हैं और पारंपरिक वाद्ययंत्रों जैसे ढोल-ताशा के साथ अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं. 19 फरवरी से शुरू होकर यह उत्साह 6 मार्च की तिथि वाली जयंती तक जारी रहता है.












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