Pune Shivneri Fort News: महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती (शिव जयंती) के उत्साह के बीच गुरुवार, 19 फरवरी 2026 की तड़के ऐतिहासिक शिवनेरी किले पर भारी भीड़ के कारण तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई. तड़के करीब 3:30 बजे 'शिव ज्योति' जुलूस के दौरान भीड़ के दबाव में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं. हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
कैसे हुई यह घटना?
घटना उस समय हुई जब हजारों की संख्या में युवा और श्रद्धालु 'शिव ज्योति' (मशाल) लेकर किले से नीचे उतर रहे थे. पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (SP) संदीप सिंह गिल के अनुसार, मीना दरवाजे के पास संकरी और ऊबड़-खाबड़ पत्थर की सीढ़ियों पर एक युवक का संतुलन बिगड़ गया और वह फिसल गया. यह भी पढ़े: श्रीकाकुलम के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में कैसे मची भगदड़? हादसे के कई कारण; पीड़ितों ने बताई आपबीती
अंधेरा और रास्ता संकरा होने के कारण पीछे से आ रहे लोग एक-दूसरे पर गिरते चले गए, जिससे 'डोमिनो इफेक्ट' पैदा हो गया. अचानक हुई इस हलचल से भीड़ में घबराहट फैल गई और सोशल मीडिया पर भगदड़ की अफवाहें उड़ने लगीं.
शिवनेरी किले पर भगदड़ जैसी स्थिति
#Maharashtra | Several devotees were injured in a stampede at Shivneri Fort in #Pune last night. A large crowd had gathered for Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti. People were making their way inside.
1/2 pic.twitter.com/OM7skJSCtK
— Siraj Noorani (@sirajnoorani) February 19, 2026
पुलिस का बयान
#WATCH | Pune, Maharashtra | Pune Rural SP Sandeep Singh Gill says, "...If you look at the Shiv Janmasthan here, on top of the Shivneri Fort in Junnar, a large number of people have been coming here for darshan since yesterday morning and darshan continued throughout the… pic.twitter.com/wF93kbuwVT
— ANI (@ANI) February 19, 2026
घायलों की स्थिति और प्रशासनिक कार्रवाई
पुलिस और स्वयंसेवकों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभाला. इस घटना में कुल 3 से 6 लोगों को मामूली चोटें आने की खबर है. घायल श्रद्धालुओं को तत्काल जुन्नर के ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों के अनुसार, सभी की हालत स्थिर है और प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश को छुट्टी दे दी गई है.
घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया. हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा जैसे संवेदनशील पॉइंट्स पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और 'वन-वे' (एकतरफा) आवाजाही नियम को सख्ती से लागू किया गया ताकि संकरी सीढ़ियों पर आमने-सामने की भीड़ न टकराए.
विरासत स्थलों पर भीड़ प्रबंधन की चुनौती
इस घटना ने एक बार फिर ऐतिहासिक किलों पर भीड़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे की सीमाओं पर बहस छेड़ दी है. इतिहासकारों का कहना है कि शिवनेरी जैसे किलों के प्रवेश द्वार रक्षात्मक उद्देश्यों के लिए संकरे बनाए गए थे, जो आधुनिक समय की लाखों की भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि 'शिव ज्योति' समूहों की संख्या को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी लॉजिस्टिक चुनौती बनी हुई है.
फिलहाल, पुणे ग्रामीण पुलिस ने पुष्टि की है कि किले पर स्थिति अब सामान्य है और दर्शन सुचारू रूप से चल रहे हैं.













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