Nalasopara Fire Video: मुंबई से सटे नालासोपारा में प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी भीषण आग, आस-पास की तीन दुकानें जलकर खाक
(Photo Credits File)

Nalasopara Fire Video: महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्थित नालासोपारा पूर्व के चैंपियन कंपाउंड में सोमवार, 9 मार्च को दोपहर के समय एक प्लास्टिक कंपनी में भीषण आग लग गई. आग इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते इसकी लपटों ने आस-पास की तीन दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया. गनीमत यह रही कि इस हादसे में अब तक किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है.

दोपहर 12.45 बजे लगी आग

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग लगने की घटना दोपहर करीब 12.45 बजे हुई. प्लास्टिक की कंपनी होने के कारण परिसर में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ मौजूद था, जिससे आग तेजी से फैली. देखते ही देखते आसमान में काले धुएं का एक विशाल गुबार छा गया, जिसे कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इलाके में फैला काला धुआं और आग की भयावहता साफ दिखाई दे रही है.  यह भी पढ़े:  Mumbai Fire Breaks: कांदिवली की बहुमंजिला इमारत में लगी आग, 8 घायल, तीन आईसीयू में भर्ती

नालासोपारा में लगी आग

दमकल विभाग की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही वसई-विरार नगर निगम के दमकल विभाग की दो गाड़ियां और दमकल कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे. प्लास्टिक के कारण आग बुझाने में टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. स्थानीय निवासियों की मदद और दमकल कर्मियों के घंटों के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका. फिलहाल घटनास्थल पर 'कूलिंग' की प्रक्रिया जारी है ताकि आग दोबारा न भड़के.

संपत्तियों का भारी नुकसान

हालांकि इस घटना में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन आर्थिक रूप से काफी क्षति हुई है. प्लास्टिक कंपनी के साथ-साथ पास की तीन दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं. दुकानदारों का काफी माल जल गया है. अभी तक आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है. दमकल विभाग और पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ या कोई अन्य लापरवाही थी.

हालिया आग की घटनाएं

गौरतलब है कि कल रविवार को भी मुंबई के बांद्रा वेस्ट में एक आवासीय इमारत की तीसरी मंजिल पर आग लगने की खबर आई थी. बताया जा रहा है कि आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में भारत की जीत के जश्न के दौरान छोड़े गए पटाखे के रॉकेट के कारण वह आग लगी थी. नालासोपारा की इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और फायर ऑडिट की जरूरत को रेखांकित कर दिया है.