आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर नए संसद भवन में शुरू होगा सत्र: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के यहां कनाडा की राजधानी में आयोजित 25 वें सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि 2022 में जब देश आजादी की 75 वीं वर्षगांठ मनाएगा, तब नए संसद भवन में सत्र आयोजित होगा. उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैले सेंट्रल विस्टा के निर्माण का काम शुरू हो गया है। नया संसद भवन और सेंट्रल विस्टा का निर्माण कुछ इस तरह होगा कि आने वाले ढाई सौ वर्षों की जरूरतें पूरी हो सकें.
ओटावा. राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के यहां कनाडा की राजधानी में आयोजित 25 वें सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि 2022 में जब देश आजादी की 75 वीं वर्षगांठ मनाएगा, तब नए संसद भवन में सत्र आयोजित होगा. उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैले सेंट्रल विस्टा के निर्माण का काम शुरू हो गया है। नया संसद भवन और सेंट्रल विस्टा का निर्माण कुछ इस तरह होगा कि आने वाले ढाई सौ वर्षों की जरूरतें पूरी हो सकें.
उन्होंने बताया कि मौजूदा संसद भवन 1927 में बना था। इस भवन के 92 गौरवशाली वर्ष पूरे हो गए हैं. नए भारत के निर्माण के लिए संसद भवन में सांसदों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पर्याप्त जगह और सुविधाओं के लिए नए संसद भवन की जरूरत महसूस हुई है, क्योंकि बढ़ते जनादेश के साथ संसद के दायित्व भी बढ़ गए हैं. ओम बिरला ने कहा कि पार्लियामेंट को 21वीं सदी के अनुरूप बनाने के लिए दुनिया के कई देशों को संसदीय भवनों के के नए सिरे से निर्माण पर विचार करना पड़ा है. उन्होंने बताया कि नए संसद भवन के निर्माण के लिए संबंधित व्यक्तियों से सुझाव भी लिए गए हैं. यह भी पढ़े-राजस्थान: कोटा के जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत का आंकड़ा 107 पहुंचा, परिवारजनों से मिले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
ओम बिरला ने कहा कि संसद भवन की वास्तुकला किसी देश और देशवासियों की आकांक्षाओं का प्रतीक होती है. सांसदों की बढ़ती संख्या और संसदों के बढ़ते काम को देखते हुए विश्व में विधानमंडलों का विस्तार हो रहा है.
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने संसदीय गतिविधियां, स्पष्टता, पारदर्शिता और जवाबदेही विषय पर बोलते हुए कहा कि संसद का जनता से संवाद एक जीवंत लोकतांत्रिक प्रणाली का अधिकार है. संसद के कार्यों की जनकारी जनता तक पहुंचानी जरूरी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 08, 2020 11:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

