'क्रीमिया वापस मिलना मुश्किल, NATO में शामिल ना हो यूक्रेन', ट्रंप ने जेलेंस्की को बताया जंग खत्म करने फॉर्मूला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा है कि जेलेंस्की रूस के साथ युद्ध तुरंत खत्म कर सकते हैं. इसके लिए ट्रंप ने दो शर्तें रखी हैं: यूक्रेन को क्रीमिया वापस पाने का सपना छोड़ना होगा और नाटो में शामिल होने की बात भूलनी होगी. यह बयान उन्होंने जेलेंस्की से व्हाइट हाउस में मुलाकात से ठीक पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दिया.
आज की दुनिया में यूक्रेन और रूस के बीच चल रही जंग सबकी जुबान पर है. और अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है जो सबको चौंका रहा है. ट्रंप ने कहा है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अगर चाहें तो रूस के साथ जंग को तुरंत खत्म कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें माननी पड़ेंगी. खासकर, क्रीमिया को वापस पाने का सपना छोड़ना होगा और नाटो में शामिल होने की बात को भूल जाना होगा.
ये बयान ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट किया है, ठीक उस वक्त जब वो जेलेंस्की से व्हाइट हाउस में मिलने वाले हैं. ट्रंप का पूरा बयान कुछ यूं है: "यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की रूस के साथ जंग को लगभग तुरंत खत्म कर सकते हैं, अगर वो चाहें तो, या फिर लड़ाई जारी रख सकते हैं. याद रखो ये कैसे शुरू हुआ था. ओबामा के वक्त दिया गया क्रीमिया वापस नहीं मिलेगा (12 साल पहले, बिना एक गोली चले!), और यूक्रेन का नाटो में जाना नहीं होगा. कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं!!!"
ट्रंप यहां 2014 की उस घटना का जिक्र कर रहे हैं जब रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था, और तब अमेरिका में बराक ओबामा राष्ट्रपति थे. ट्रंप का मानना है कि यूक्रेन को ये दोनों चीजें छोड़कर रूस से समझौता कर लेना चाहिए, ताकि जंग खत्म हो.
अब सवाल ये है कि इस बयान पर क्या रिएक्शन आ रहे हैं? सबसे पहले यूक्रेन की तरफ देखें. जेलेंस्की और यूक्रेन के लोग क्रीमिया को अपना हिस्सा मानते हैं और कहते हैं कि वो कभी भी रूस के कब्जे को मान्यता नहीं देंगे. जेलेंस्की ने पहले भी ऐसे बयानों पर कहा है कि क्रीमिया पर कोई समझौता नहीं होगा, ये यूक्रेन का हिस्सा है और रहेगा. वो नाटो में शामिल होना चाहते हैं ताकि भविष्य में रूस से सुरक्षा मिले. यूक्रेन को डर है कि ट्रंप-पुतिन की मीटिंग्स से उनके लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
US President Donald Trump posts, "President Zelenskyy of Ukraine can end the war with Russia almost immediately, if he wants to, or he can continue to fight. Remember how it started. No getting back Obama given Crimea (12 years ago, without a shot being fired!), and NO GOING INTO… pic.twitter.com/78YpjX8vRZ
— ANI (@ANI) August 18, 2025
रूस की तरफ से?
व्लादिमीर पुतिन और रूस तो यही चाहते हैं. वो क्रीमिया को अपना मानते हैं और यूक्रेन के नाटो में शामिल होने को बड़ा खतरा बताते हैं. रूस के एक अधिकारी ने कहा है कि यूरोप और ब्रिटेन में पैनिक है क्योंकि ट्रंप-पुतिन की बातचीत से चीजें बदल रही हैं. रूस का कहना है कि वो डॉनबास जैसे इलाकों पर भी दावा करता है.
यूरोप और नाटो क्या कह रहे हैं?
यूरोपीय नेता जेलेंस्की के साथ खड़े हैं. वो व्हाइट हाउस मीटिंग में शामिल हो रहे हैं ताकि यूक्रेन को सपोर्ट मिले. नाटो चीफ ने कहा है कि यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी मिलनी चाहिए, लेकिन ट्रंप की शर्तों से कुछ लोग चिंतित हैं. यूरोप वाले कहते हैं कि वो ट्रंप के किसी भी बुरे डील से यूक्रेन को बचाने की कोशिश करेंगे.
अमेरिका में भी मिले-जुले रिएक्शन हैं. ट्रंप के विरोधी, जैसे डेमोक्रेट्स, कहते हैं कि ये बयान रूस को फायदा पहुंचाता है और यूक्रेन को कमजोर करता है. सोशल मीडिया पर लोग ट्रंप को कोस रहे हैं कि वो अमेरिका और नाटो को दोष दे रहे हैं. लेकिन ट्रंप के सपोर्टर्स मानते हैं कि जंग खत्म करने का यही तरीका है.
कुल मिलाकर, ये बयान जंग को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है या फिर नई टेंशन पैदा कर सकता है. अब देखना ये है कि व्हाइट हाउस में ट्रंप और जेलेंस्की की मीटिंग में क्या निकलता है. क्या यूक्रेन शर्तें मानेगा या लड़ाई जारी रखेगा? समय बताएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 18, 2025 08:02 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

