Maharashtra: पानी की कमी के कारण एलोरा की गुफाएं, अन्य स्मारक जलापूर्ति के लिए टैंकर पर निर्भर
पिछले मानसून में कम बारिश होने के कारण महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में स्थित विश्व प्रसिद्ध एलोरा गुफाएं और अन्य स्मारक पानी की आपूर्ति के लिए 'टैंकर' पर निर्भर हैं.
छत्रपति संभाजीनगर,30 मई : पिछले मानसून में कम बारिश होने के कारण महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में स्थित विश्व प्रसिद्ध एलोरा गुफाएं और अन्य स्मारक पानी की आपूर्ति के लिए 'टैंकर' पर निर्भर हैं. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर में पिछले मानसून में 527.10 मिमी बारिश हुई थी जबकि इस अवधि के दौरान औसत वर्षा 637.50 मिमी होती है.
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि बारिश उम्मीद से कम हुई. परिणामस्वरूप एलोरा गुफाएं, बीबी का मकबरा और औरंगाबाद गुफाओं जैसे कुछ स्मारकों के परिसर में बने जलस्रोत सूख गए हैं. उन्होंने कहा कि ये स्मारक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और अब पानी की आपूर्ति के लिए टैंकरों पर निर्भर हैं. अधिकारी ने कहा, "एलोरा गुफा परिसर में पीने, बागवानी और साफ सफाई के लिए हर दिन पानी के दो टैंकर की आवश्यकता होती है." यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री मोदी के पुनर्निर्वाचन से भारत को अगले पांच वर्ष तक स्थिरता मिलेगी: भारतीय-अमेरिकी लेखक
उन्होंने कहा, "हम बीबी का मकबरा के लिए 5,000 लीटर के कम से कम दो टैंकर तथा औरंगाबाद गुफाओं के लिए हर दूसरे दिन एक टैंकर पानी ले रहे हैं." अधिकारी ने बताया कि कभी-कभी बीबी का मकबरा में पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर पानी के तीसरे टैंकर की भी जरूरत पड़ती है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 30, 2024 09:42 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

