Fact Check: क्या कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर WHO ने भारत को दी है चेतावनी? जानें वायरल हो रहे मैसेज की सच्चाई
कोरोना महामारी के इस दौर में फेक न्यूज और गलत जानकारियां भी संक्रमण की तरह तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रही हैं. फेक खबरों की लिस्ट में एक मैसेज तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर डब्ल्यूएचओ ने भारत को चेतावनी दी है. चेतावनी में कहा गया है कि अगले 20 घंटे भारत के लिए भारी हैं.
Fact Check: भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर (Second Wave of Coronavirus) दिन-ब-दिन विकराल रूप धारण करती जा रही है. महामारी (Pandemic) की यह तीसरी लहर लोगों पर कहर बनकर टूट रही है, जिसके चलते न सिर्फ संक्रमितों की तादात में बेहिसाब बढ़ोत्तरी हो रही है, बल्कि इससे मरने वालों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है. कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के इस दौर में फेक न्यूज (Fake News) और गलत जानकारियां (False Informations) भी संक्रमण की तरह तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रही हैं. फेक खबरों की इस लिस्ट में अब एक मैसेज तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ (WHO) ने भारत को चेतावनी दी है. चेतावनी में कहा गया है कि अगले 20 घंटे भारत के लिए भारी हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज में दावा किया गया है कि डब्ल्यूएचओ आईसीएमआर ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगले 20 घंटे भारत के लिए बहुत भारी हैं. अगर 20 घंटे में भारतीय नहीं सुधरे तो भारत कल रात 11 बजे के बाद थर्ड स्टेप यानी कम्यूनिटी ट्रांसमिशन में प्रवेश कर जाएगा और अगर भारत कम्युनिटी ट्रांसमिशन में प्रवेश कर जाता है तो भारत में 10 मई तक लगभग 50 हजार मौतें हो सकती हैं, क्योंकि अन्य देशों की अपेक्षा भारत की जनसंख्या बहुत अधिक है. बावजूद इसके भारतीय अभी तक इसकी गंभीरता को नहीं समझ पा रहे हैं. ईश्वर से दुआ करो कि भारत सेकेंड स्टेज में ही रहे. यह भी पढ़ें: Fact Check: फिटकरी के पानी से ठीक हो सकता है कोरोना वायरस? PIB से जानें वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे की सच्चाई
पीएनबीएस का ट्वीट-
एक फ़र्ज़ी मैसेज में दावा किया जा रहा है कि COVID-19 के बढ़ते मामलों को मद्देनजर रखते हुए WHO की तरफ से भारत को चेतावनी दी गई है।
Fact Check: इस पर @WHOSEARO द्वारा पहले भी स्पष्टीकरण जारी किया गया है। कृपया ऐसे किसी मैसेज को फॉरवर्ड न करें। pic.twitter.com/7yWQH79ZYM
— Prasar Bharati News Services पी.बी.एन.एस. (@PBNS_India) May 8, 2021
हालांकि जब इस मैसेज की सच्चाई जानने के लिए इसकी पड़ताल की गई तो इसे फेक और निराधार पाया गया. दरअसल, पीएनबीएस यानी प्रसार भारती न्यूज सर्विस ने एक ट्वीट शेयर किया है. जिसमें पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने इस वायरल मैसेज की सच्चाई बताई है. पीआईबी फैक्ट चेक के अनुसार, एक फर्जी मैसेज में दावा किया जा रहा है कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए डब्ल्यूएचओ की तरफ से भारत को चेतावनी दी गई है, जो कि बिल्कुल फेक है. इस पर @WHOSEARO द्वारा पहले भी स्पष्टीकरण जारी किया गया है कि डब्ल्यूएचओ द्वारा ऐसी कोई चेतावनी भारत के लिए जारी नहीं की गई है, इसलिए इस तरह के किसी भी मैसेज को फॉरवर्ड करने से बचें.
Fact check
एक फेक मैसेज में दावा किया जा रहा है कि COVID-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर WHO की तरफ से भारत को चेतावनी दी गई है.
WHO द्वारा कोविड-19 को लेकर भारत को कोई ऐसी चेतावनी जारी नहीं की गई है, कृपया ऐसे किसी मैसेज को फॉरवर्ड न करें.
(The above story first appeared on LatestLY on May 08, 2021 11:57 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

