त्योहार

Surya Grahan 2020: सूर्य ग्रहण के दौरान दोपहर में पृथ्वी पर छा जाएगा अंधेरा, इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए करें ये विशेष पूजा

21 जून को लगभग 6 घंटे की अवधि वाले सूर्य ग्रहण में कुछ पल के लिए पूरी पृथ्वी पर अंधेरा छा जायेगा. आध्यात्मिक पक्ष के अनुसार, इस सूर्य ग्रहण में ग्रहों की जो स्थिति बन रही है, उसके अनुसार सूर्य ग्रहण को देखना कुछ राशि वालों के लिए शुभ तो कुछ राशि वालों के लिए अशुभ साबित हो सकता है. इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए ये विशेष पूजा करें.

Surya Grahan 2020: सूर्य ग्रहण के दौरान दोपहर में पृथ्वी पर छा जाएगा अंधेरा, इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए करें ये विशेष पूजा
सूर्य ग्रहण (Photo Credits: Pixabay)

Surya Grahan 2020: इस वर्ष का पहला और सबसे लंबा सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) 21 जून 2020 को लग रहा है. यह सूर्य ग्रहण करीब 6 घंटे की अवधि वाली होगा. भारतीय समयानुसार प्रातः 9.15 मिनट से शुरू होकर लगभग 3.04 पर समाप्त हो जायेगा. ज्योतिषियों के अनुसार सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) दोपहर 12 बजे से करीब 12.15 बजे तक के काल में चरम पर होगा. लगभग 6 घंटे की अवधि वाले इस ग्रहण में कुछ पल के लिए पूरी पृथ्वी (Earth) पर अंधेरा छा जायेगा. आध्यात्मिक पक्ष के अनुसार, इस सूर्य ग्रहण में ग्रहों की जो स्थिति बन रही है, उसके अनुसार सूर्य ग्रहण को देखना कुछ राशि वालों के लिए शुभ तो कुछ राशि वालों के लिए अशुभ साबित हो सकता है.

ग्रहण काल की इस अवधि में मंदिर के कपाट बंद रखें अथवा उस पर पर्दा लगायें. इसके बाद ईश्वर कीर्तन एवं भजन करना चाहिए. वैज्ञानिक मतों के अनुसार नंगी आंखों से सूर्य ग्रहण देखना आपको दृष्टि दोष दे सकता है. बेहतर होगा कि सूर्य ग्रहण देखने के लिए घिसे हुए कांच अथवा पानी के प्रतिबिंब में ही सूर्य ग्रहण देखें, इससे आंखों को किसी तरह की हानि नहीं हो सकती है.

ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए करें यह विशेष पूजा

ज्योतिषियों के अनुसार जिन जातक की राशि पर सूर्य ग्रहण को अशुभ बताया जा रहा है, उन्हें ग्रहण दोष से बचने के लिए ग्रहण काल में सूर्य मंत्र का जाप: करना चाहिए. अगर आप छह घंटे यह निरंतर जाप नहीं कर सकते तो ग्रहण शुरू होने के बाद कुछ समय फिर ग्रहण समाप्त होने के समय इन मंत्रों का जाप करना चाहिए. ये मंत्र हैं... यह भी पढ़ें: Surya Grahan 2020: सूर्य ग्रहण के दौरान इन 6 ग्रहों की उल्टी चाल कर सकती है आपको परेशान, जानें ग्रहण काल में किन-किन बातों का रखें विशेष ध्यान

ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ’ अथवा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’

इसके अलावा अशुभ प्रभाव वाली राशि के जातकों को सूर्य ग्रहण की समाप्ति के तुरंत बाद स्नान कर सूर्य की आराधना एवं सूर्य का जलाभिषेक कर अन्न, छाता, कपड़े, एवं धन आदि दान देना चाहिए. विशेष परिस्थितियों में गायत्री मंत्र, गुरु मंत्र, नारायण मंत्र एवं शांति पाठ का जाप करना भी लाभदायक हो सकता है. मान्यता है कि ऐसा करने से जातक विशेष को ग्रहों की पीड़ा से मुक्ति मिलती है. जिनकी राशि में सूर्य ग्रहण के शुभ योग बन रहे हैं अगर वे भी स्नान के बाद दान-धर्म का कार्य करें तो उन्हें अप्रत्याशित पुण्य एवं लाभ की प्राप्ति होगी. नौकरी पेशावालों की प्रमोशन, वेतन वृद्धि एवं व्यवसाय में लाभ होंगे. यह भी पढ़ें: Surya Grahan 2020 Sutak: कब लगेगा सूर्य ग्रहण का सूतक, यहां जानें इस दौरान क्या करें और क्या नहीं, बरतें ये सावधानियां

गंगा स्नान एवं दीप दान का विधान, मगर सोशल डिस्टेंसिंग का भी रखें ध्यान!

कुछ ज्योतिषियों के अनुसार सूर्य ग्रहण के दिन गंगा अथवा किसी पवित्र नदी या सरोवर में दीप दान भी करना चाहिए. इससे सेहत अच्छी एवं जीवन में सुख-समृद्धि आती है, लेकिन इसके साथ ही कोरोना वायरस के प्रकोप का ध्यान रखते हुए सोशल डिस्टेंशिंग का भी ध्यान रखना आवश्यक है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 20, 2020 02:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).