International Tea Day 2023: कब है अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस? जानें कैसे जंगल से महलों में आयी चाय घर-घर लोकप्रिय हो गई!
दुनिया के अधिकांश देशों में 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाया जाता है, हालांकि दुनिया में सबसे ज्यादा चाय उत्पादक देशों में पहले नंबर पर चीन और दूसरे नंबर पर भारत है, लेकिन चाय की बढ़ती लोकप्रियता और चाय उत्पादक देशों की मांग पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस मनाने की सहमति दी.
दुनिया के अधिकांश देशों में 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाया जाता है, हालांकि दुनिया में सबसे ज्यादा चाय उत्पादक देशों में पहले नंबर पर चीन और दूसरे नंबर पर भारत है, लेकिन चाय की बढ़ती लोकप्रियता और चाय उत्पादक देशों की मांग पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस मनाने की सहमति दी. आप सुनकर आश्चर्य करेंगे कि दुनिया भर में पानी के बाद सबसे ज्यादा पाया जाने वाला पेय चाय है. हालांकि शुरुआत में भारत चीन से चाय का आयात करता था, लेकिन अंग्रेजों ने भारत में चाय के प्रचुर उत्पादन को देखते हुए इसका औद्योगिक चलन शुरू किया. आज दुनिया के सबसे ज्यादा चाय उत्पादन करने वालों में चीन पहले (24,73,443 टन), भारत दूसरे (13,25,000 टन) और केन्या तीसरे नंबर (4,40,000 टन) पर है. यानी चाय उत्पादन में चीन का सबसे प्रतिद्वंदी देश भारत ही है. अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस पर जानें कुछ रोचक और ज्ञानवर्धक बातें.. यह भी पढ़ें: Relationship Guide: नाजुक डंपिंग टू बेंचिंग, डेटिंग की ये 5 नई शर्तें, जिसे आपको भी जानना और समझना जरूरी है!
अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस का इतिहास
साल 2005 में, चाय उत्पादक कुछ देश मसलन श्रीलंका, नेपाल, इंडोनेशिया, केन्या, मलेशिया और युगांडा अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस मनाने के लिए एक मंच पर आए थे. साल 2019 में, चाय पर अंतर सरकारी समूहों ने 21 मई को अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस मनाने की मांग रखी. संयुक्त राष्ट्र ने भी 21 दिसंबर, की तारीख पर मोहर लगाते हुए अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने की घोषणा की. इसके बाद पहला आधिकारिक संयुक्त अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस 21 मई 2020 को मनाया गया.
ऐसे आया चाय अस्तित्व में!
चाय पर हुए तमाम शोधों की रिपोर्ट बताती है कि आने वाले दिनों चाय की खपत और भी बढ़ेगी. गौरतलब है कि चीन और भारत की कुल आबादी का 37.4 प्रतिशत है, और इन दोनों ही देशों के लोगों की पहली चाय है, जिसे सुबह उठने और सायंकाल को लोग पीते हैं. मान्यतानुसार चीन के सम्राट शेन हांग ने 2737 ईसा पूर्व में चाय की खोज की थी, जब एक पेड़ से कुछ पत्तियां खौलते पानी में गिरीं, पानी का रंग बदला तो उन्हें आश्चर्य हुआ, चखने पर स्वादिष्ट लगा. इस तरह चाय की पत्ती जंगल से महल में आई. और देखते-देखते इसका नशा ऐसा चढ़ा, कि आज दुनिया का सबसे पसंदीदा पेय पदार्थ बन गया है.
चाय के संदर्भ में कुछ ज्ञानवर्धक बातें
* सर्वप्रथम भारत के साथ श्रीलंका, बांग्लादेश, वियतनाम, नेपाल, केन्या, इंडोनेशिया, मलेशिया, मलावी, भारत, युगांडा और तंजानिया में 15 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाया जाता था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र द्वारा चाय दिवस 21 मई किया गया, क्योंकि मई माह में ज्यादातर देशों में चाय का उत्पादन शुरू हो जाता है.
* चाय एक सुगंधित पेय है, जिसे कैमेलिया साइनेंसिस से बनाया जाता है, और दुनिया में सबसे ज्यादा पीया जाने वाला पेय पदार्थ है.
* किंवदंतियों को अपवाद माने तो बताया जाता है कि चाय की उत्पत्ति उत्तरी म्यांमार, भारत और दक्षिण पश्चिम चीन में हुई थी. कुछ साक्ष्यों से पता चलता है कि चीन में चाय का सेवन गत पांच हजार वर्षों से किया जा रहा है.
* चाय का पौधा मध्यम गर्म एवं नमी युक्त जलवायु में अच्छी तरह फलता-फूलता है, क्योंकि यह उष्णकटिबंधीय पौधा (Subtropical Plant) है.
* चाय के पौधे के लिए थोड़ी अम्लीय मिट्टी बेहतर मानी जाती है.
* चाय का पौधा उगाने के लिए न्यूनतम 20 डिग्री सें, और अधिकतम 30 डिग्री आदर्श तापमान होता है. इसके विपरीत तापमान में पौधे नष्ट हो जायेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on May 20, 2023 12:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

