Gangaur 2025 Wishes: गणगौर तीज के इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings को भेजकर सखी-सहेलियों को दें शुभकामनाएं
गणगौर 2025 (Photo Credits: File Image)

Gangaur 2025 Wishes in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, गणगौर तीज (Gangaur Teej) का पर्व हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. हालांकि इस उत्सव की शुरुआत चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से ही हो जाती है. करीब 16 दिनों तक गणगौर (Gangaur) मनाए जाने के बाद चैत्र शुक्ल तृतीया को गणगौर तीज का व्रत किया जाता है. इस साल गणगौर तीज का पर्व 31 मार्च 2025 को मनाया जा रहा है. अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से विवाहित महिलाओं द्वारा किए जाने वाले तमाम व्रतों में गणगौर तीज का अपना एक अलग महत्व बताया जाता है. राजस्थान (Rajasthan) में इस पर्व को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन जहां विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना से व्रत करती हैं तो वहीं कुंवारी कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की चाह में यह व्रत करती हैं.

चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन मनाए जाने वाले गणगौर तीज को लेकर कहा जाता है कि इसी तिथि पर महादेव और माता पार्वती ने सभी स्त्रियों को सौभाग्य का वरदान दिया था, इसलिए इस दिन महिलाएं मिट्टी से गणगौर बनाकर विधिवत उनकी पूजा करती हैं. गणगौर तीज के इस मौके पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को सखी-सहेलियों संग शेयर कर उन्हें गणगौर तीज की शुभकमनाएं दे सकती हैं.

1- आज की नई सुबह इतनी सुहानी हो जाए,
आपके दुखों की सारी बातें पुरानी हो जाएं,
दे जाए इतनी खुशियां ये गणगौर आपको,
कि खुशी भी आपकी मुस्कुराहट की दीवानी हो जाए.
गणगौर की शुभकामनाएं

गणगौर 2025 (Photo Credits: File Image)

2- आया रे आया गणगौर का त्योहार है आया,
संग में खुशियां और प्यार है लाया.
गणगौर की शुभकामनाएं

गणगौर 2025 (Photo Credits: File Image)

3- गणगौर है उमंगों का त्योहार,
फूल खिले हैं बागों में फागुन की है फुहार,
दिल से आप सब को हो मुबारक,
प्यारा ये गणगौर का त्योहार.
गणगौर की शुभकामनाएं

गणगौर 2025 (Photo Credits: File Image)

4- एक दुआ मांगते हैं हम अपने भगवान से,
चाहते हैं आपकी खुशी पूरे ईमान से,
सब हसरतें पूरी हो आपकी,
और आप मुस्कुराएं दिल-ओ-जान से.
गणगौर की शुभकामनाएं

गणगौर 2025 (Photo Credits: File Image)

5- पल-पल सुनहरे फूल खिलें,
कभी न हो कांटों का सामना,
जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहे,
गणगौर पर हमारी यही शुभकामना.
गणगौर की शुभकामनाएं

गणगौर 2025 (Photo Credits: File Image)

गणगौर पर्व से जुड़ी प्रचलित कथा के अनुसार होली के दूसरे दिन माता पार्वती अपने ससुराल से मायके आती हैं और उनके पीहर आने के करीब 8 दिन बाद ईसर जी यानी महादेव उन्हें लेने के लिए आते हैं. यही वजह है कि इस पर्व की शुरुआत चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से ही हो जाती है और इस उत्सव का समापन चैत्र शुक्ल तृतीया को होता है. इस दिन व्रत रखकर विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं. वहीं कहा जाता है कि इस दिन अगर कुंवारी कन्याएं व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं तो उन्हें सुयोग्य वर की प्राप्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है.