Father's Day 2019: पितृ दिवस पर कुछ रोचक बातें, जिन्हें जानकर आप विस्मित रह जाएंगे
आज का दिन पिता को ही समर्पित होता है. हालांकि इस दिवस विशेष की पृष्ठभूमि भारत में तैयार नहीं की गयी, लेकिन पिता तो पिता होता है. आइये ‘फादर्स डे’ से संबंधित कुछ रोचक एवं दिलचस्प जानकारियां हम शेयर करें.
Happy Father's Day 2019: ‘फादर्स डे’ अर्थात ‘पितृ दिवस’ इस दिन विशेष पर पिता के साथ जुड़े संस्मरण आपको बचपन की यादों में ले जाते हैं. आप महसूस करते हैं कि आज आप जो कुछ भी हैं उसके पीछे पिता के त्याग और वात्सल्य की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही है. आज का दिन पिता को ही समर्पित होता है. हालांकि इस दिवस विशेष की पृष्ठभूमि भारत में तैयार नहीं की गयी, लेकिन पिता तो पिता होता है. आइये ‘फादर्स डे’ से संबंधित कुछ रोचक एवं दिलचस्प जानकारियां हम शेयर करें.
बेटी ने नींव रखी ‘फादर्स डे’
प्रत्येक वर्ष जून माह के तीसरे सप्ताह में ‘फादर्स डे’ मनाया जाता है. जब हम अपने उस जनक को याद करते हैं, जिसकी वजह से हम इस दुनिया में आये, अपने पैरों पर खड़े हुए और इस योग्य बनें. जी हां, यह काम केवल एक पिता की छांव में ही सम्पन्न हो सकता है. ‘फादर्स डे’ की शुरुआत अमेरिका के वाशिंगटन में 19 जून 1910 को हुई.
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इस महान दिवस को शुरू करने के पीछे एक नन्हीं-सी बच्ची सोनेरा डोड की मार्मिक कहानी छिपी हुई है. सोनेरा जब नन्ही सी थी, उसकी मां की मृत्यु हो गयी. लेकिन पिता विलियम स्मार्ट ने सोनेरो को माता और पता दोनों का प्यार दिया. सोनेरा थोड़ी बड़ी हुई तो उसे लगा कि क्यों नहीं हम एक दिन पिता को भी समर्पित करें. अंततः 19 जून 1910 को सोनेरा ने फादर्स डे मनाने की शुरूआत की.
सोनेरा ने पिता की स्मृति दिवस को बनाया फादर्स डे
यूं तो पिता-पुत्री के रिश्तों की सैकड़ों कहानियां हर देश हर धर्म के लोगों में मिल जायेगा. लेकिन पिता के नाम एक विशेष दिवस शुरू करने का श्रेय वाशिगंटन की सोनेरा को ही जाता है. बताया जाता है कि सोनेरा अपने डैडी से बेइंतहा प्यार करती थी. सोनेरा के लिए 19 जून का दिवस काफी संवेदनशील कहा जा सकता है. क्योंकि यही वह दिन था जब उसने अपने जान से प्यारे पिता को खोया था.
मदर्स डे से मिली थी प्रेरणा फादर्स डे मनाने की
सोनेरा ने अपनी मां को कभी नहीं देखा था, लेकिन वह बिना भूले माँ की कब्र पर जाकर मदर्स डे जरूर मनाती थी. मदर्स डे मनाते हुए उसके मन में ख्याल आया कि अगर माँ त्याग की मूर्ति होती है तो पिता के त्याग और समर्पण को भी कमतर नहीं आंका जा सकता. मदर्स डे मनाते हुए उसने फादर्स डे मनाने का फैसला लिया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने फादर्स डे मनाने की घोषणा की
फादर्स डे की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने 1516 से फादर्स डे जारी रखने का सरकारी फरमान सुनाया.
राष्ट्रपति कैल्विन कुलिज ने किया राष्ट्रीय आयोजन बनाने का फैसला
साल 1924 के दिन अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति कैल्विन कुलिज ने फादर्स डे को राष्ट्रीय आयोजन के रूप में मान्यता दी. इसके बाद से ही फादर्स डे के दिन स्कूलों में अवकाश दिया जाने लगा.
फादर्स डे पर सार्वजनिक अवकाश
साल 1972 में जब रिचर्ड निक्सन अमेरिका के राष्ट्रपति घोषित किये गये, तब उन्होंने फादर्स डे की अहमियत को देखते हुए इस दिन को नियमित अवकाश करने की घोषणा की.
फिलहाल पूरे विश्व में जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है. भारत में भी धीरे-धीरे इसका प्रचार-प्रसार बढ़ रहा है. इसे बहुराष्ट्रीय कंपनियों की बढती भूमंडलीकरण की अवधारणा के परिप्रेक्ष्य में भी देखा जा सकता है और पिता के प्रति प्रेम के इजहार के परिप्रेक्ष्य में भी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 16, 2019 09:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

