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उत्तराखंड: कश्मीरी स्टूडेंट्स के उत्पीड़न को ADG ने बताया अफवाह, सीआरपीएफ ने भी की फेक पोस्ट न शेयर करने की अपील

राज्य के एडीजी अशोक कुमार ने कहा, ''कश्मीरी स्टूडेंट्स के गर्ल हॉस्टल में कैद होने की बात अफवाह के तौर पर सोशल मीडिया पर फैला दी गई थी. इसके साथ यह भी खबर आई कि वहां के लोकल लोगों के द्वारा पाकिस्तान मुरदाबाद के नारे लगाते हुए एक जुलूस निकाला गया.''

उत्तराखंड: कश्मीरी स्टूडेंट्स के उत्पीड़न को ADG ने बताया अफवाह, सीआरपीएफ ने भी की फेक पोस्ट न शेयर करने की अपील
एडीजी अशोक कुमार (Photo Credit-ANI)

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 जवानों की शाहदत से देश में शोक और गुस्सा है. इस बीच लोग सोशल मीडिया पर भी पाकिस्तान को जमकर खरी-खोटी सुना रहे हैं. गुस्से के इस माहौल में फेक तस्वीरें, वीडियोज और न्यूज भी जमकर वायरल हो रही हैं. देश में नफरत फैलाने के लिए माहौल गरम करने की कोशिश की जा रही है. शनिवार को सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के एक हॉस्टल में कुछ कश्मीरी स्टूडेंट्स के कैद होने की बात वायरल हो रही थी. इस पर उत्तराखंड के ADG सामने आए हैं और उन्होंने कश्मीरी लड़कियों के कैद होने की बात को अफवाह बताया है.

राज्य के एडीजी अशोक कुमार (Ashok Kumar) ने कहा, ''कश्मीरी स्टूडेंट्स के गर्ल हॉस्टल में कैद होने की बात अफवाह के तौर पर सोशल मीडिया पर फैला दी गई थी. इसके साथ यह भी खबर आई कि वहां के लोकल लोगों के द्वारा पाकिस्तान मुरदाबाद के नारे लगाते हुए एक जुलूस निकाला गया.'' एडीजी ने कहा कि हॉस्टल में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे इसका हमे अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है. यह भी पढ़ें- पुलवामा आतंकी हमला: CRPF ने जारी की एडवाइजरी, सोशल मीडिया पर शेयर न करें शहीदों के अंगों की फर्जी तस्वीरें

बता दें कि पहले खबर आई थी कि उत्तराखंड (Uttarakhand) की राजधानी देहरादून (Dehradun) में रहने वाले जम्मू-कश्मीर के छात्रों को पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुए हमले का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. कश्मीरी छात्रों ने सोशल मीडिया पर शहीद जवानों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थी जिससे स्थानीय लोग गुस्से में आ गए और उन्होंने जगह-जगह प्रदर्शन कर इन छात्रों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. इस बीच खबर आई कि स्थानीय लोगों के गुस्से को देखते हुए अपनी जिंदगी बचाने के लिए, लड़कियों सहित कश्मीरी छात्रों ने देहरादून में अपने हॉस्टल के कमरों और किराए के घरों के अंदर खुद को बंद कर लिया.

सीआरपीएफ ने भी कश्मीरी छात्रों के उत्पीड़न की खबर को अपवाह बताया. सीआरपीएफ ने कहा कि छात्रों के उत्पीड़न के बारे में झूठी खबरें प्रचारित की जा रही हैं. सीआरपीएफ ने कहा कि हमारी हेल्पलाइन ने उत्पीड़न के बारे में शिकायतों के बारे में पूछताछ की और उन्हें गलत पाया. सीआरपीएफ ने अपने ट्वीट में कहा कि ये नफरत फैलाने की कोशिश है. कृपया ऐसे फेक पोस्ट न शेयर करें.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 17, 2019 05:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).