उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए बांटी गई बिरयानी पर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. एक गांव के प्रधान पर आरोप है कि उन्होंने जन्माष्टमी जैसे पवित्र दिन पर लोगों को चिकन बिरयानी खिलाकर उनका धर्म भ्रष्ट करने की कोशिश की. इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है.
क्या है पूरा मामला?
फर्रुखाबाद जिले का कम्पिल थाना क्षेत्र इन दिनों बाढ़ की चपेट में है. यहां के दर्जनों गांव पानी में डूबे हुए हैं. ऐसे में कई समाजसेवी और स्थानीय नेता बाढ़ में फंसे लोगों को खाना बांटकर मदद कर रहे हैं.
इसी दौरान, रायपुर चिनहट पुर गांव के रहने वाले सुनील नाम के एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. सुनील का आरोप है कि ग्राम प्रधान मोहम्मद शमी, उनके बेटे और दो अन्य लोगों ने जन्माष्टमी के दिन जानबूझकर लोगों को नॉन-वेज बिरयानी बांटी. उनका कहना है कि ऐसा करके उन्होंने हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है.
In UP's Farrukhabad, locals accused gram pradhan Mohd Shami and his sons for allegedly serving chicken biryani to flood victims. Police has arrested two people in the case. pic.twitter.com/pUszh5iKkC
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) August 19, 2025
आरोपों पर प्रधान ने क्या कहा?
दूसरी तरफ, ग्राम प्रधान मोहम्मद शमी ने इन सभी आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है. उनका कहना है, "हमने कोई बिरयानी नहीं बांटी है. हमारी सिर्फ नाव चल रही थी, जिसका इस्तेमाल राहत के लिए हो रहा था." शमी का दावा है कि यह सब उन्हें फंसाने की एक राजनीतिक साजिश है, जो उनके विरोधियों ने रची है.
पुलिस का क्या कहना है?
यह मामला सामने आने के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई है. एडिशनल एसपी डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया कि सुनील की शिकायत के आधार पर प्रधान शमी और तीन अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है. पुलिस का कहना है कि वे सबूत इकट्ठा कर रहे हैं और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.












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