उत्तर प्रदेश का औद्योगिक शहर कानपुर एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. इस बार कारण कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि एक अजीबोगरीब वायरल वीडियो है. वीडियो में एक स्थानीय स्टोर के अंदर बिक्री के लिए रखे गए बिल्कुल नए डस्टबिन पर गुटखे या पान के दाग दिखाई दे रहे हैं. यह वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर आया, नेटिजन्स ने कानपुर के लोगों के 'सिविक सेंस' (नागरिक चेतना) पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं.
क्या है वायरल वीडियो में?
वायरल हो रहे छोटे वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि एक दुकान में प्लास्टिक के नए डस्टबिन डिस्प्ले पर रखे हुए हैं. हैरानी की बात यह है कि इन डस्टबिनों में से एक पर लाल रंग के धब्बे लगे हैं, जो स्पष्ट रूप से पान या गुटखा थूकने के निशान लग रहे हैं. वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने हैरानी जताते हुए दिखाया कि कैसे लोगों ने दुकान के अंदर रखी बिक्री की वस्तु को भी नहीं बख्शा.
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सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है. कई यूजर्स ने इसे "कानपुर की पहचान" बताकर मजाक उड़ाया है, तो वहीं कई अन्य लोगों ने इसे बेहद शर्मनाक और निराशाजनक करार दिया है.
एक यूजर ने लिखा, "जब डस्टबिन का काम कचरा समेटना हो और लोग उस पर ही कचरा कर दें, तो सुधार की गुंजाइश कम दिखती है."
दूसरे यूजर ने टिप्पणी की, "यह केवल कानपुर की बात नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी की कमी को दर्शाता है."
सिविक सेंस और स्वच्छता पर बहस
यह घटना पहली बार नहीं है जब कानपुर को गुटखे के दागों के लिए चर्चा में लाया गया है. इससे पहले कानपुर के अटल घाट और हाल ही में बने नए मेट्रो स्टेशनों की दीवारों पर भी इसी तरह के निशान देखे गए थे. सरकार और स्थानीय प्रशासन 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं बताती हैं कि केवल बुनियादी ढांचे के विकास से काम नहीं चलेगा; लोगों की आदतों में बदलाव लाना भी उतना ही आवश्यक है.
कानपुर की पुरानी समस्या
कानपुर लंबे समय से पान और गुटखा संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है. प्रशासन ने कई बार सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों पर जुर्माना लगाने की कोशिश की है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका प्रभाव कम ही दिखाई देता है. स्टोर के अंदर रखा यह डस्टबिन इस बात का सबूत है कि कुछ लोगों के लिए सार्वजनिक और निजी संपत्ति के बीच का अंतर खत्म हो चुका है.













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