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पीएम मोदी ने 351 किमी लंबी फ्रेट कॉरिडोर की शुरूआत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को प्रयागराज में ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) और ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) के 351 किलोमीटर लंबे 'न्यू भाउपुर-न्यू खुर्जा सेक्शन' का उद्घाटन किया.

पीएम मोदी ने 351 किमी लंबी फ्रेट कॉरिडोर की शुरूआत की
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: YouTube)

नई दिल्ली, 29 दिसंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को प्रयागराज (Prayagraj) में ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) और ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) के 351 किलोमीटर लंबे 'न्यू भाउपुर-न्यू खुर्जा सेक्शन' का उद्घाटन किया. इस अवसर पर मोदी ने कहा, आजादी के बाद हम देश के सबसे उन्नत रेल खंड के उद्घाटन के साक्षी बन रहे हैं. नई भाऊपुर-खुर्जाखंड (New Bhaupur-Kurjakhand) पर चलने वाली पहली मालगाड़ी नए आत्मानिर्भर भारत का संदेश देगी और प्रयागराज में नया ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ नियंत्रण केंद्रों में से एक होगा.

उन्होंने कहा, प्रयागराज में ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर नए भारत की नई शक्ति का प्रतीक है. किसी को भी गर्व होगा क्योंकि नियंत्रण केंद्र में इस्तेमाल की जाने वाली प्रबंधन और डेटा तकनीक भारत में तैयार की गई है. मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि बुनियादी ढांचा देश के विकास का सबसे बड़ा स्रोत है. प्रधानमंत्री ने कहा कि कनेक्टिविटी राष्ट्र की तंत्रिका है, और यदि तंत्रिकाएं बेहतर काम करती हैं तो देश का स्वास्थ्य और समृद्धि अच्छा होता है.

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उन्होंने कहा कि आज, जब भारत दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब सबसे अच्छी कनेक्टिविटी देश की प्राथमिकता है. मोदी ने कहा, इस विचारधारा के साथ, हमने पिछले छह वर्षों में देश में आधुनिक कनेक्टिविटी के हर पहलू पर काम किया है. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) सरकार द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी रेल अधोसंरचना परियोजनाओं में से एक है. कुल लागत 81,459 करोड़ रुपये आंकी गई है.

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) के नियोजन, विकास, वित्तीय संसाधन जुटाने, निर्माण, रखरखाव और संचालन के लिए एक विशेष उद्देश्य के रूप में स्थापित किया गया है. पहले चरण में, संगठन पश्चिमी डीएफसी (1,504 किमी) और पूर्वी डीएफसी (1,856 किमी) का निर्माण कर रहा है, जिसकी कुल लंबाई 3,360 किमी है.

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प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत में यात्री और मालगाड़ी एक ही पटरियों पर चलती हैं. इसके चलते मालगाड़ी की गति धीमी होती है. ऐसी स्थिति में, मालगाड़ियों को रास्ता देने के लिए स्टेशनों पर यात्री ट्रेनों को रोक दिया जाता है. इसके परिणामस्वरूप यात्री रेलगाड़ियां देरी से चलती हैं.

मोदी ने कहा, मालगाड़ियों के लिए ये विशेष गलियारे यात्री ट्रेनों को समय पर चलाना सुनिश्चित करेंगे. यह सुनिश्चित भी करेंगे कि मालवाहक ट्रेनें ज्यादा गति से चल सकें और वे दोहरी भार क्षमता ले जा सके.

मोदी ने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर आत्मनिर्भर भारत के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी, चाहे वह उद्योग हो, व्यापार हो या व्यवसाय, किसान हो या उपभोक्ता, सभी को इससे फायदा होने वाला है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 29, 2020 03:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).