Nashik Rain Update: नासिक जिले में बेमौसम बारिश और आंधी ने मचाई तबाही, किसानों की फसल बर्बाद, अगले कुछ घंटे जिले के लिए होंगे मुश्किल भरें
पश्चिमी महाराष्ट्र में तबाही मचाने के बाद तेज आंधी ने नासिक जिले के निफाड़, चांदवाड़ और येवला तहसीलों को भी प्रभावित किया और यहां का भी काफी नुकसान किया.
नासिक, महाराष्ट्र: पश्चिमी महाराष्ट्र में तबाही मचाने के बाद तेज आंधी ने नासिक जिले के निफाड़, चांदवाड़ और येवला तहसीलों को भी प्रभावित किया और यहां का भी काफी नुकसान किया. रविवार को दोपहर में निफाड तहसील के रानवड मंडल में तेज बारिश और तेज आंधी ने दस्तक दी.इस बीच, चांदवड़ तहसील के वडनेर में करीब छह बजे भारी बारिश हुई.
शाम करीब 7 बजे येवला तहसील के राजापुर और खिर्डी साठे इलाकों में भी शाम को जमकर बारिश हुई.जिला प्रशासन ने फसल क्षति का निरीक्षण करने के लिए ग्राम स्तरीय समिति को निर्देश दिया है.मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में जिले में आंधी के साथ बारिश की चेतावनी दी है.ये भी पढ़े:Mumbai Rain Prediction: महाराष्ट्र में बदलेगा मौसम का मिजाज! जलगांव, पुणे समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, मुंबई में 2 अप्रैल तक बारिश का अनुमान
फसलों का हुआ काफी नुकसान
नासिक के लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली थी, क्योंकि पिछले दो दिनों से पश्चिमी महाराष्ट्र से आ रही ठंडी हवाओं के कारण नासिक शहर में तापमान में गिरावट आई है. लेकिन पिछले 24 घंटों में निफाड़, चांदवाड़ और येवला में बेमौसम बारिश हुई है, जिससे फसलों का काफी नुकसान हुआ है.राज्य में मौसम लगातार बदल रहा है. फिलहाल राज्य के कुछ ही हिस्सों में तीव्र गर्मी पड़ रही है. कई जगहों पर तापमान 35 से 40 डिग्री के आसपास पहुंच गया है.दूसरी ओर, तेज हवाओं के साथ हुई बेमौसम बारिश से कृषि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.प्याज की फसल, जो अब निकालने के लिए तैयार थी, उसको भी इस बेमौसम बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है.
गोंदिया समेत हिंगोली और धाराशिव में जमकर हुई बारिश
पिछले चार दिनों में हिंगोली, गोंदिया और धाराशिव में बेमौसम बारिश हुई है.हिंगोली में बेमौसम बारिश से केले के बाग तबाह हो गए.कई स्थानों पर केले के पेड़ उखड़ गए. परिणामस्वरूप, बिक्री के लिए तैयार केले के फल भी क्षतिग्रस्त हो गए. इससे केला उत्पादकों को भारी नुकसान हुआ है.गोंदिया का रेलटोली इलाका तूफान से प्रभावित हुआ. रेलटोली क्षेत्र में धोटे बंगले के सामने गुलमोहर का पेड़ बिजली के खंभे पर गिर गया, जिससे पूरे दिन बिजली आपूर्ति बाधित रही.धाराशिव में भी ओलावृष्टि हुई.उमरगा क्षेत्र में ओलावृष्टि से कृषि फसलें प्रभावित हुईं. बागों और आमों को भी नुकसान पहुंचा. उमरगा तहसील के मुरुम क्षेत्र में ओलावृष्टि से कृषि फसलें नष्ट हो गई हैं।
तापमान में आई कमी, लेकिन उमस कायम
नासिक के लोग पिछले 8 दिनों से भीषण गर्मी से परेशान थे और तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है. दोपहर की तपती धूप के कारण सड़कें सुनसान होने के कारण बाजार भी मंद पड़े है. नासिक के लोग शाम 5 बजे के बाद घर से निकलते है.जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है, ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर भीड़ बढ़ती जा रही है.पश्चिमी महाराष्ट्र में हुई बेमौसम बारिश और बादल छाए रहने के कारण पिछले दो दिनों से तापमान में गिरावट आ रही है, क्योंकि हवाएं नासिक की ओर बहने लगी हैं. लेकिन उमस कायम है.पारा जो 42 डिग्री तक पहुंच गया था, वह गिरने लगा है और तापमान 35 डिग्री पर पहुंच गया है.
शनिवार को न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.हालांकि रविवार को तापमान फिर 38 डिग्री तक पहुंच गया, लेकिन नासिक की ओर आ रही हवाएं नासिक के लोगों के लिए गर्मी को सहने के लायक बना रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2025 08:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

