17 साल के लड़के ने कराया दुनिया का पहला 'स्पर्म रेस', प्रजनन स्वास्थ्य पर बढ़ाई जागरूकता
लॉस एंजिल्स में 17 वर्षीय एरिक झू ने दुनिया की पहली 'स्पर्म रेस' आयोजित की, जिसका उद्देश्य पुरुषों के प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलाना था. इस मजेदार और अजीबोगरीब आयोजन में शुक्राणु के नमूनों को माइक्रोस्कोप के जरिए रेस में भाग लेने के लिए रखा गया. हालांकि यह एक मनोरंजनपूर्ण घटना थी, इसके पीछे का गंभीर संदेश पुरुषों के स्वास्थ्य पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है.
लॉस एंजिल्स में एक 17 वर्षीय हाई स्कूल छात्र ने दुनिया का पहला ‘स्पर्म रेस’ आयोजित करके सभी का ध्यान आकर्षित किया. यह आयोजन न केवल मजेदार और हास्यास्पद था, बल्कि यह पुरुषों के प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को उजागर करने का एक अनोखा तरीका भी था.
इस अजीबोगरीब आयोजन के पीछे था एरिक झू, एक किशोर जिसने इस प्रतिस्पर्धा के आयोजन के लिए एक मिलियन डॉलर से अधिक जुटाए. एरिक ने यह विचार तब लिया जब उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट पढ़ी, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले 50 सालों में पुरुषों के शुक्राणु की संख्या आधी हो गई है. एरिक का कहना था, "मैंने सोचा कि अगर ऐसा जारी रहा, तो भविष्य में लोग बच्चे पैदा करने में सक्षम नहीं होंगे. मैं कुछ मजेदार करना चाहता था, लेकिन साथ ही लोगों को प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में भी सोचने के लिए प्रेरित करना चाहता था."
शुक्रवार रात को आयोजित इस स्पर्धा में, प्रतियोगियों से पहले एकत्र किए गए वीर्य के नमूनों को दो मिलिमीटर लंबी ट्रैक पर रखा गया. एक व्यक्ति ने लैब कोट पहनकर पाइपेट्स का उपयोग कर रेस की शुरुआत की. यह कार्रवाई 100 गुना बढ़ाकर एक सूक्ष्मदर्शी द्वारा स्क्रीन पर दिखाई गई, जहां रंगीन 3D एनीमेशन के साथ रेस के परिणामों को स्ट्रीम किया गया.
LIVE NOW: https://t.co/I1dMzkvwbf— Sperm Racing (@spermracing) April 25, 2025
हालांकि यह विज्ञान और मनोरंजन का मिश्रण था, लेकिन झू का संदेश गंभीर था. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक मजाक नहीं है, बल्कि पुरुषों के प्रजनन स्वास्थ्य पर गंभीर चिंता का विषय है. वे कहते हैं, "मैं किसी प्रजननवादी आंदोलन का हिस्सा नहीं हूं, बल्कि मैं चाहता हूं कि लोग अपनी सेहत के बारे में सोचें." उन्होंने यह भी बताया कि जीवनशैली के साधारण बदलाव, जैसे अच्छी नींद लेना, ड्रग्स से बचना, और स्वस्थ आहार से शुक्राणु स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है.
Live clip comparisons between 3D and raw footage, along with an in-depth bio doc, will be published this weekend to show results and verifications of the races— Sperm Racing (@spermracing) April 26, 2025
विशेषज्ञों का कहना है कि एरिक झू की चिंताएँ बिल्कुल सही हैं. माउंट सिनाई के इकहान स्कूल ऑफ मेडिसिन की प्रमुख प्रजनन स्वास्थ्य वैज्ञानिक शाना स्वान ने एक अध्ययन में पाया कि शुक्राणु की संख्या समय के साथ घट गई है, और इसके लिए दैनिक उत्पादों में पाए जाने वाले हार्मोनल रूप से सक्रिय रसायनों को जिम्मेदार ठहराया है.
हालाँकि, इस अजीब प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बहुत से लोगों ने इसे केवल मनोरंजन के रूप में देखा और कहा कि उन्होंने इससे कोई नई जानकारी नहीं प्राप्त की. "मैं नहीं कह सकता कि मुझे कुछ नया सिखने को मिला," 22 वर्षीय छात्र अल्बर्टो अविला-बाका ने कहा.
लेकिन इसके बावजूद, इस विचित्र रेस ने 100,000 से अधिक यूट्यूब पर व्यूज हासिल किए हैं और प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में बातचीत बढ़ाई है. एरिक झू का यह आयोजन निश्चित रूप से एक चर्चा का विषय बन गया है और इसने लोगों को सोचने पर मजबूर किया है कि उनके स्वास्थ्य के फैसले भविष्य में उनके प्रजनन क्षमता पर किस तरह प्रभाव डाल सकते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2025 10:31 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

