Inspirational Quotes on Parshuram Jayanti 2025: ‘धर्म को हथियार, सत्य को कवच और साहस को शक्ति बनाएं!’ अपनों को भेजें ये प्रभावशाली कोट्स!
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्म हुआ था. इसलिए इस दिन को परशुराम जयंती के रूप में मनाया जाता है. हिंदू धर्म ग्रंथों में उल्लेख है कि परशुराम ने क्षत्रिय वंश की बढ़ती दमनकारी नीति से परेशान होकर समस्त पृथ्वी को क्षत्रिय विहीन कर दिया था.
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्म हुआ था. इसलिए इस दिन को परशुराम जयंती के रूप में मनाया जाता है. हिंदू धर्म ग्रंथों में उल्लेख है कि परशुराम ने क्षत्रिय वंश की बढ़ती दमनकारी नीति से परेशान होकर समस्त पृथ्वी को क्षत्रिय विहीन कर दिया था. इसके साथ ही परशुराम ने समाज के कल्याणार्थ कई अनमोल कार्य किये हैं. इस वर्ष 30 अप्रैल 2025, बुधवार को परशुराम जयंती मनाई जाएगी. गौरतलब है कि इसी दिन अक्षय तृतीया का पर्व भी मनाया जाता है. आइये परशुराम जयंती के अवसर पर ये प्रभावशाली कोट्स भेजकर पर्व को सेलिब्रेट करें.
* धर्म को अपना हथियार, सत्य को अपना कवच और साहस को अपनी शक्ति बनाओ. -भगवान परशुराम
* सच्चा योद्धा वह है जो अपने मन और अहंकार पर विजय प्राप्त करता है. -भगवान परशुराम
* भगवान परशुराम का फरसा आपके मार्ग की बाधाओं को नष्ट करे और आपको आपके सभी प्रयासों में विजय दिलाई.
* शस्त्र और शास्त्र जिनकी पहचान है
श्री विष्णु रूप का वही छठा अवतार है।
जय श्री परशुराम
* समय पड़े तो शास्त्र से समझाएं, नहीं तो शस्त्र से समझाएं
चयन उन्हें करने दें कि वह किस भाषा को अच्छे से समझ सकते हैं.
* जो सोचते हैं ब्राह्मण दुर्बल होते हैं, वह एक बार परशुराम का ध्यान कर लें,
पता चल जाएगा ब्राह्मण की मां जो शेर पैदा करती है, वह हजारों भेड़ियों की झुंड में अकेला काफी होता है.
* आओ सब मनाएं परशुराम जयंती, लेकर प्रभु का नाम करे गुणगान,
मांगे आशीष परमेश्वर से जप कर उनका नाम
* अंगारे नहीं फौलाद हैं हम परशुराम की औलाद हैं हम
ब्राह्मण वंश के हम चीते हैं, जो खुद के जिगर पर जीते हैं.
* शस्त्र और शास्त्र दोनों ही हैं उपयोगी
यही पाठ सिखा गए हैं हमें योगी.
* ब्राह्मण बदलते हैं तो नतीजे भी बदल जाते हैं
सारे मंज़र, सारे अंजाम यूं ही बदल जाते है,
कौन कहता है परशुराम फिर नहीं पैदा होते
पैदा तो होते हैं बस नाम बदल जाते हैं.
* इंसान को कभी हिंसा नहीं करनी चाहिए लेकिन
अगर बात आपकी जान पर आए तो अस्त्र ना उठाना कायरता होगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2025 09:44 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

