Sharad Navratri 2026 Messages: हैप्पी शारदीय नवरात्रि! इन हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, GIF Greetings के जरिए दें अपनों को बधाई
महालया पर पितरों की विदाई के बाद मां दुर्गा अपने परिजनों और गणों के साथ पृथ्वी पर पधारती हैं. नवरात्रि के दौरान देश भर में गरबा-डांडिया रास, रामलीला मंचन और माता के मंदिरों में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं. इस पावन अवसर पर श्रद्धालु मां के नौ स्वरूपों की साधना के साथ-साथ एक-दूसरे को भक्तिमय संदेशों, हिंदी कोट्स और शुभकामनाओं के माध्यम से बधाई प्रेषित कर रहे हैं.
Sharad Navratri 2026 Messages in Hindi: शक्ति, साधना और सामाजिक उल्लास का महापर्व शारदीय नवरात्रि इस वर्ष 11 अक्टूबर 2026 से देशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा. आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर यह पर्व नवमी तिथि तक चलेगा, जिसके बाद 20 अक्टूबर को बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक विजयादशमी (दशहरा) मनाया जाएगा.
महालया यानी सर्वपितृ अमावस्या के दिन पितरों के पितृलोक लौटने के बाद मां दुर्गा कैलाश पर्वत से पृथ्वी पर अपने मायके में पधारती हैं. देवी के आगमन के साथ ही नौ दिनों तक समूचा वातावरण देवी भक्ति और जयकारों से गुंजायमान रहता है.
प्रियजनों के साथ साझा करें शारदीय नवरात्रि के ये प्रेरक हिंदी संदेश
इस पावन अवसर पर अपने परिजनों, मित्रों और सहयोगियों को सोशल मीडिया तथा व्हाट्सएप पर भेजने के लिए लोकप्रिय संदेश और कोट्स:





- "कुमकुम भरे कदमों से आएं मां जगदंबा आपके द्वार, सुख-संपत्ति मिले आपको अपार। शारदीय नवरात्रि 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं!"
- "सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते॥ मां दुर्गा की कृपा से आपके जीवन के समस्त संकट दूर हों। हैप्पी नवरात्रि!"
- "सजा है माता रानी का दरबार, गूंज रही है भक्ति की पुकार; आपके जीवन में आए खुशियों का उपहार। शुभ शारदीय नवरात्रि 2026!"
- "नौ रूपों में वास है जिनका, हर संकट हरने वाली मां का; नमन है उस जगजननी को बारंबार। जय माता दी! आपको और आपके परिवार को नवरात्रि की मंगलकामनाएं!"
शुभ मुहूर्त में घटस्थापना और दुर्गा सप्तशती का पाठ
शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना का विशेष धार्मिक विधान है:
- कलश का आध्यात्मिक महत्व: शास्त्रों में कलश को सुख, समृद्धि, शांति और समस्त सकारात्मक ऊर्जाओं का प्रतीक माना गया है. प्रतिपदा तिथि पर शुभ मुहूर्त में घटस्थापित कर मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है.
- अखंड दीप और सप्तशती अनुष्ठान: पहले ही दिन से श्रद्धालु नौ दिनों के लिए अखंड ज्योति प्रज्वलित करते हैं और दैनिक रूप से 'दुर्गा चालीसा' तथा 'दुर्गा सप्तशती' के तेरह अध्यायों का पाठ करते हैं.
गरबा-डांडिया और रामलीला से जीवंत होगा सांस्कृतिक माहौल
नवरात्रि का पर्व केवल उपवास तक सीमित न रहकर भारत की जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं का उत्सव भी है:
- गरबा और डांडिया रास: गुजरात, महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों में पारंपरिक परिधानों में सजे युवा और परिवार डांडिया रास और गरबा नाइट्स का आनंद लेते हैं.
- रामलीला का मंचन: उत्तर भारत के शहरों और कस्बों में नौ दिनों तक भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र पर आधारित रामलीला का मंचन किया जाता है, जो दशहरे के दिन रावण दहन के साथ संपन्न होता है.
- नवदुर्गा के नौ रूप: भक्त प्रतिदिन क्रमवार मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की उपासना कर जीवन में सकारात्मकता और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 11, 2026 06:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

