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Sharad Navratri 2026 Wishes: शक्ति के महापर्व शारदीय नवरात्रि की इन भक्तिमय हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं

सनातन धर्म में आदिशक्ति मां जगदंबा की उपासना का नौ दिवसीय महापर्व 'शारदीय नवरात्रि' इस वर्ष 11 अक्टूबर 2026 से श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू होने जा रहा है. नवरात्रि के इस पावन अवसर पर श्रद्धालु मां के नौ स्वरूपों की आराधना के साथ-साथ एक-दूसरे को भक्तिमय संदेशों और प्रेरक कोट्स के जरिए शुभकामनाएं प्रेषित कर रहे हैं.

Sharad Navratri 2026 Wishes: शक्ति के महापर्व शारदीय नवरात्रि की इन भक्तिमय हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं
शारदीय नवरात्रि 2026 (Photo Credits: File Image)

Sharad Navratri 2026 Wishes in Hindi: शक्ति, साधना और अध्यात्म का सबसे बड़ा पर्व शारदीय नवरात्रि इस वर्ष 11 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष भर में चार बार नवरात्रि का विधान होता है, जिनमें चैत्र और आश्विन (शारदीय) मास की प्रत्यक्ष नवरात्रियों का जनमानस में सर्वाधिक महत्व है.

आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तिथि तक मां दुर्गा के नौ दिव्य स्वरूपों—नवदुर्गा—की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी. वहीं 20 अक्टूबर 2026 को बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा.

शारदीय नवरात्रि पर अपनों को भेजें ये भक्तिमय हिंदी शुभकामनाएं

इस पावन अवसर पर अपने मित्रों, परिजनों और संबंधियों को सोशल मीडिया व मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से ये प्रेरक संदेश भेजकर बधाई दे सकते हैं:

1- भक्ति का भंडार हो तुम,
शक्ति का संसार हो तुम,
नमन है मां तेरे चरणों में,
मेरी मुक्ति का दरबार हो तुम.
शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं

शारदीय नवरात्रि 2026 (Photo Credits: File Image)

2- जो मां दुर्गा के चरणों में शीश झुकाते हैं,
सारी मुसीबतों से लड़ने की ताकत पाते हैं,
कभी नहीं जाती मुरादें खाली ,
मां खुशियों से भर देती है झोली खाली.
शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं

शारदीय नवरात्रि 2026 (Photo Credits: File Image)

3- मां दुर्गा आई आपके द्वार
करके सोलह श्रृंगार,
आपके जीवन में न आए कभी हार,
हमेशा रहे सुखी आपका ये परिवार.
शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं

शारदीय नवरात्रि 2026 (Photo Credits: File Image)

4- हो जाओ तैयार, मां अम्बे आने वाली है,
सजा लो दरबार मां अम्बे आने वाली हैं,
तन, मन और जीवन हो जाएगा पावन,
मां के कदमों की आहट से गूंज उठेगा आंगन.
शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं

शारदीय नवरात्रि 2026 (Photo Credits: File Image)

5- मां का सजा है कितना निराला दरबार,
मां सुनती है सब भक्तों की पुकार,
पूरे कर दो सारे हमारे अरमान,
इतनी दूर से आए हैं हम मां तेरे द्वार.
शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं

शारदीय नवरात्रि 2026 (Photo Credits: File Image)

  1. "सजा है दरबार, पधारी हैं मां अंबे; जीवन में आए खुशियों की बहार, दूर हों सारे कष्ट। आपको और आपके परिवार को शारदीय नवरात्रि 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं!"
  2. "हाथी पर सवार होकर आईं मां भवानी, सुख-समृद्धि से भर जाए आपकी जिंदगानी। हर मनोकामना पूर्ण हो आपकी, जय माता दी! हैप्पी नवरात्रि!"
  3. "या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ मां दुर्गा की असीम कृपा आप पर सदैव बनी रहे। शुभ शारदीय नवरात्रि!"
  4. "नव दीप जलें, नव फूल खिलें, नित नई बहार मिले; नवरात्रि के इस पावन पर्व पर आपको मां दुर्गा का अपार दुलार मिले। मंगलमय नवरात्रि!"

हाथी पर सवार होकर पधारेंगी मां जगदंबा: क्या है धार्मिक संकेत?

देवी भागवत पुराण के एक प्रसिद्ध श्लोक के अनुसार, नवरात्रि की शुरुआत किस वार (दिन) को हो रही है, उसी के आधार पर देवी के आगमन का वाहन निर्धारित होता है:

  • हाथी की सवारी (गजवाहन): शास्त्रों में उल्लेख है कि जब नवरात्रि का शुभारंभ रविवार या सोमवार को होता है, तब मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर पृथ्वी लोक में आती हैं.
  • सुख और समृद्धि का प्रतीक: ज्योतिष मान्यताओं में गज की सवारी को अत्यंत शुभ माना गया है. यह देश में शांति, आर्थिक समृद्धि, समय पर अच्छी बारिश और भरपूर कृषि उपज का संकेत देता है.

शास्त्र प्रमाण:

"शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे। गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकीर्तिता॥"

(रविवार व सोमवार को आगमन पर हाथी, मंगलवार व शनिवार को घोड़ा, गुरुवार व शुक्रवार को पालकी और बुधवार को नौका देवी का वाहन होता है।)

नारी शक्ति और नवदुर्गा की नौ दिवसीय उपासना

सनातन परंपरा में समूची सृष्टि की मूल ऊर्जा को स्त्री या नारी शक्ति का स्वरूप माना गया है:

  • नौ दिनों में नौ स्वरूप: प्रतिपदा से लेकर नवमी तक मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की क्रमवार आराधना की जाती है.
  • व्रत एवं साधना: भक्त नौ दिनों तक उपवास, कलश स्थापना और अखंड ज्योति प्रज्वलित कर दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं, जिससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 10, 2026 02:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).