त्योहार

Mahalaya 2026 Messages: शुभ महालया! इन हिंदी WhatsApp Wishes, Facebook Greetings, Quotes को भेजकर दें अपनों को बधाई

सनातन परंपरा और विशेषकर बंगाली समुदाय के प्रमुख पर्व दुर्गा पूजा का औपचारिक उद्घोष करने वाला पावन दिन 'महालया' इस वर्ष 10 अक्टूबर 2026 को मनाया जा रहा है. इस अवसर पर जहां मूर्तिकारों द्वारा मां दुर्गा की प्रतिमाओं के नेत्रों को गढ़ने (चक्षुदान) की सदियों पुरानी परंपरा निभाई जाती है, वहीं श्रद्धालु 'शुभ महालया' के भक्तिमय संदेशों और शुभकामनाओं के जरिए पर्व का उल्लास साझा कर रहे हैं.

Mahalaya 2026 Messages: शुभ महालया! इन हिंदी WhatsApp Wishes, Facebook Greetings, Quotes को भेजकर दें अपनों को बधाई
महालया 2026 (Photo Credits: File Image)

Mahalaya 2026 Messages in Hindi: शक्ति और आस्था के महापर्व शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के आगमन का संकेत देने वाला महालया इस वर्ष 10 अक्टूबर (शनिवार) को मनाया जाएगा. हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास का कृष्ण पक्ष जहां पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने वाले पितृ पक्ष को समर्पित होता है, वहीं इस पक्ष की अंतिम तिथि यानी अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या और महालया दोनों के रूप में मान्यता प्राप्त है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महालया वह पवित्र क्षण है जब भक्त मां दुर्गा का पृथ्वी पर आने के लिए आह्वान करते हैं और मां पार्वती अपने मायके यानी पृथ्वी लोक में रहने के लिए कैलाश पर्वत से प्रस्थान करती हैं.

प्रियजनों को भेजें 'शुभ महालया' के भक्तिमय हिंदी संदेश

महालया के पावन अवसर पर श्रद्धालु अपने मित्रों, परिजनों और संबंधियों को सोशल मीडिया तथा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर इन लोकप्रिय संदेशों के माध्यम से शुभकामनाएं दे रहे हैं:

1- मां शक्ति का वास हो,
संकटों का नाश हो,
हर घर में सुख-शांति का वास हो,
जय माता दी!

शुभ महालया

महालया 2026 (Photo Credits: File Image)

2- देवी दुर्गा आपके चारों ओर की,
सभी बुराइयों को नष्ट कर दें,
और इस देवी पक्ष में आपके जीवन को,
समृद्धि और खुशियों से भर दें.
शुभ महालया

महालया 2026 (Photo Credits: File Image)

3- मां दुर्गा का आशीर्वाद आपके जीवन पथ से,
सभी बाधाओं को दूर करे,
क्योंकि वह इस शुभ दिन पर,
ब्रह्मांड से अंधकार को दूर करती हैं.
शुभ महालया

महालया 2026 (Photo Credits: File Image)

4- मां दुर्गा आपको अपने भीतर की बुराई और
लालच को दूर करने का साहस प्रदान करें,
देवी मां आपके सभी दुखों को समाप्त करें और
आपके जीवन व आत्मा को सच्ची खुशी से रोशन करें.
शुभ महालया

महालया 2026 (Photo Credits: File Image)

5- मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के साथ,
प्रसिद्धि, स्वास्थ्य, संपदा, खुशी,
इंसानियत, शिक्षा, भक्ति और शक्ति,
का आपको वरदान मिले.
शुभ महालया

महालया 2026 (Photo Credits: File Image)

  • "ढाक की गूंज और काश के फूलों का खिलना, मां दुर्गा के आगमन से महके आपका हर कोना। आपको और आपके परिवार को शुभ महालया 2026!"
  • "पितरों का मिले आशीर्वाद और मां जगदंबा की बरसे कृपा, हर संकट दूर हो और जीवन में सुख-समृद्धि आए। हैप्पी महालया!"
  • "सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते। मां दुर्गा आपके जीवन के समस्त अंधकार को दूर करें। महालया की हार्दिक बधाई!"
  • "कैलाश से पधार रही हैं मां भवानी, धरती पर गूंज रहा है जयकारा; भक्ति, उमंग और खुशियों से भर जाए आपका जीवन। शुभ महालया!"

पितरों की विदाई और मां दुर्गा का आह्वान: एक ही दिन दो धार्मिक अनुष्ठान

महालया के दिन की धार्मिक दिनचर्या दो प्रमुख आध्यात्मिक चरणों में पूरी होती है:

  • प्रातःकाल पितृ तर्पण: सुबह से लेकर दोपहर तक श्रद्धालु पवित्र नदियों, घाटों और सरोवरों पर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण करते हैं. सर्वपितृ अमावस्या होने के कारण उन सभी पितरों के लिए जल अर्पण किया जाता है जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती.
  • संध्याकाल में देवी का स्वागत: दोपहर बाद पितरों की विदाई के उपरांत शाम के समय मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां शुरू होती हैं. पौराणिक मान्यता है कि भक्त जब मां जगदंबा का आह्वान करते हैं, तब वे अपने पुत्रों—भगवान गणेश व कार्तिकेय—तथा पुत्रियों—माता लक्ष्मी व सरस्वती—के साथ पृथ्वी पर अवतरित होती हैं.

'चक्षुदान' और मूर्तियों में प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारी

महालया के दिन पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित कुम्हारटोली से लेकर देशभर के मूर्तिकार केंद्रों में एक विशिष्ट कलात्मक व धार्मिक परंपरा संपन्न होती है:

  • चक्षुदान (Chokkhu Daan): मूर्तिकार इस दिन मां दुर्गा की मिट्टी की प्रतिमाओं की आंखें खींचते हैं और उनमें विशेष रंग भरते हैं.
  • अंतिम रंग-रोगन: आंखें गढ़ने के साथ ही प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने और उनमें आभूषण व अस्त्र-शस्त्र सजाने का काम तेज हो जाता है, जिससे पंडालों में मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा का रास्ता खुलता है.

11 अक्टूबर को घटस्थापना से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि

महालया के ठीक अगले दिन यानी आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि का विधिवत आरंभ होगा:

  • घटस्थापना (11 अक्टूबर): रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी.
  • दुर्गा पूजा और विजयादशमी: षष्ठी तिथि से दुर्गा पूजा का सार्वजनिक और सामाजिक उत्सव शुरू होगा, जो आश्विन शुक्ल दशमी को सिंदूर खेला और विजयादशमी (दशहरे) पर देवी विसर्जन के साथ संपन्न होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 10, 2026 06:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).