Parshuram Jayanti 2026 Wishes in Hindi: हिंदू धर्म में वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का विशेष महत्व है. इसी दिन अक्षय तृतीया के साथ-साथ भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान परशुराम की जयंती (Parshuram Jayanti) भी मनाई जाती है. इस वर्ष यह पावन पर्व 19 अप्रैल 2026 को मनाया जा रहा है. भगवान परशुराम (Bhagwan Parshuram) को साहस, न्याय और ज्ञान का संगम माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, उनका जन्म ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के घर प्रदोष काल में हुआ था, इसीलिए शाम के समय उनकी पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है.
भगवान विष्णु के 10 प्रमुख अवतारों में परशुराम को 'चिरंजीवी' माना गया है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, वह सप्त ऋषियों में से एक हैं और आज भी पृथ्वी पर निवास करते हैं. उनका जन्म धरती पर अधर्मी राजाओं के अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था. वे शस्त्र और शास्त्र दोनों के ज्ञाता हैं, जो भक्तों को कठिन समय में धैर्य और बल प्रदान करते हैं.
आज के दौर में त्योहारों की खुशी सोशल मीडिया के बिना अधूरी है. परशुराम जयंती के शुभ अवसर पर लोग वॉट्सऐप (WhatsApp), फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए एक-दूसरे को बधाई संदेश भेजते हैं. ऐसे में आप भी इन भक्तिमय हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए प्रियजनों को परशुराम जयंती की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





परशुराम जयंती के दिन भक्त विधि-विधान से भगवान की पूजा करते हैं. इस अवसर पर कुछ विशिष्ट मंत्रों का जाप भक्तों के लिए कल्याणकारी माना गया है:
- सामान्य मंत्र: ‘ऊं रां रां ऊं रां रां परशुहस्ताय नमः’
- प्रणाम मंत्र: ‘ऊं नमः परशुहस्ताय नमः कोदण्डधारिणे, नमस्ते रुद्ररूपाय विष्णवे वेदमूर्तये’
- गायत्री मंत्र: ‘ऊं जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि, तन्नो परशुराम प्रचोदयात्’
मान्यता है कि इन मंत्रों के माध्यम से भगवान का आह्वान करने से साधक को भय से मुक्ति और आत्मिक शक्ति प्राप्त होती है.
इस दिन देश के विभिन्न हिस्सों में शोभा यात्राएं निकाली जाती हैं और मंदिरों में विशेष आरती का आयोजन होता है. चूंकि यह दिन अक्षय तृतीया के साथ आता है, इसलिए दान-पुण्य और नई शुरुआत के लिए भी इसे सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. भक्त इस दिन उपवास रखकर भगवान से बल, बुद्धि और विद्या का वरदान मांगते हैं.













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