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देश का पहला स्वदेशी एआई मॉडल बनेगा Sarvam AI, जानें भारत सरकार ने इसे क्यों चुना

भारत सरकार ने सर्वम एआई को देश का पहला स्वदेशी एआई फाउंडेशनल मॉडल बनाने के लिए चयनित किया है. यह स्टार्टअप जनरेटिव एआई का उपयोग करके भारतीय उद्यमों के लिए डोमेन-विशिष्ट एआई मॉडल विकसित करेगा. सर्वम एआई ने अपनी सीरीज़ A फंडिंग राउंड में 41 मिलियन डॉलर जुटाए हैं.

देश का पहला स्वदेशी एआई मॉडल बनेगा Sarvam AI, जानें भारत सरकार ने इसे क्यों चुना

भारत की एआई यात्रा को एक नई दिशा देने वाले एक महत्वपूर्ण विकास में, सरकार ने शनिवार को 'सर्वम एआई' (Sarvam AI) को देश का पहला स्वदेशी एआई फाउंडेशनल मॉडल बनाने के लिए चयनित किया. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ईसीएमएस (ECMS) योजना के लिए दिशा-निर्देशों की घोषणा करते हुए बताया कि 67 प्रस्तावों में से सर्वम एआई को पहले स्टार्टअप के रूप में चुना गया है, जो भारत का पहला स्वदेशी एआई फाउंडेशनल मॉडल विकसित करेगा. उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में 2-3 और स्टार्टअप इस कार्यक्रम में शामिल होंगे.

मंत्री ने इस कार्यक्रम के बारे में कहा, "ईसीएमएस एक क्षैतिज योजना है. यह विभिन्न क्षेत्रों, जैसे इलेक्ट्रॉनिक, ऑटोमोटिव, आदि में योगदान देगा."

Sarvam AI के बारे में जानें 

'सर्वम एआई' की स्थापना जुलाई 2023 में विवेक राघवन और प्रतीयुष कुमार ने की थी, जो पहले इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी द्वारा समर्थित AI4Bharat में काम कर चुके थे. यह स्टार्टअप जनरेटिव एआई के लिए एक पूर्ण-स्टैक समाधान विकसित करता है, जो कस्टम एआई मॉडल्स के प्रशिक्षण से लेकर एंटरप्राइज़-ग्रेड प्लेटफॉर्म पर लेखन और तैनाती तक सब कुछ कवर करता है.

विवेक राघवन, जो डिजिटल पब्लिक गुड्स (DPGs) जैसे आधार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, ने कहा कि सर्वम एआई भारतीय उद्यमों के साथ मिलकर उनके डेटा का उपयोग करके डोमेन-विशिष्ट एआई मॉडल विकसित करेगा. यह स्टार्टअप जनरेटिव एआई का उपयोग करके जनसंख्या-स्तरीय प्रभाव बनाने का लक्ष्य रखता है, खासकर सार्वजनिक लाभ के लिए भारत के सफल 'इंडिया स्टैक' पर इसे लागू किया जाएगा.

दिसंबर 2023 में सर्वम एआई ने अपनी सीरीज़ A फंडिंग राउंड में 41 मिलियन डॉलर जुटाए थे, जिसमें लाइटस्पीड वेंचर्स, पीक XV पार्टनर्स और खोसला वेंचर्स ने भाग लिया था.

भारत का एआई भविष्य 

इस पहल के माध्यम से भारत अपनी डिजिटल क्षमताओं को और मजबूत करेगा और एआई के क्षेत्र में स्वदेशी समाधानों की दिशा में बड़ा कदम उठाएगा. इससे भारतीय उद्योगों को भी अपने डेटा और तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का मौका मिलेगा, जिससे न केवल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि देश में एआई से संबंधित नवाचारों को भी बढ़ावा मिलेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 26, 2025 02:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).