कोरोना से हालात जितनी तेजी से बिगड़े, उतनी तेजी से ही सुधर रहे हैं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कृषि में निजी क्षेत्र का पर्याप्त निवेश नहीं हुआ, इस तरफ उद्योग जगत का ध्यान नहीं गया, कृषि में उद्योग जगत की रुचि और निवेश दोनों की जरूरत है. हाल के कृषि सुधारों से कृषि और उनसे जुड़े क्षेत्रों के बीच की अड़चनें हटाई जा रही है. अब किसानों को नए बाजार, नए विकल्प मिलेंगे और उन्हें टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा.
नई दिल्ली:- कोविड-19 महामारी को लेकर जो लोग चिंता कर रहे हैं और सुबह शाम यही सोच रहे हैं कि देश के आर्थिक हालात कब सुधरेंगे, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात को जरूर सुनें. उन्होंने कहा है कि कोरोना की वजह से जितनी तेजी से देश की अर्थव्यवस्था के हालात बिगड़े थे, आज उतनी ही तेजी से सुधर रहे हैं. दिसम्बर आते-आते स्थिति बहुत बदली नजर आ रही है. हमारे पास जवाब है और रोडमैप भी है.
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2020 काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा. लेकिन आज इकोनॉमी के संकेतक हौसला बढ़ाने वाले हैं. संकट के समय देश ने जो सीखा है, उसने भविष्य के संकल्पों को और दृढ़ किया है. इसका बहुत बड़ा श्रेय भारत के उद्यमियों, युवाओं, किसानों और सभी देशवासियों को जाता है.
नागरिकों को दी सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महामारी के समय भारत ने अपने नागरिकों के जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. आज इसका नतीजा पूरा विश्व देख रहा है. भारत की नीतियों व निर्णयों ने पूरी दुनिया को चकित कर दिया है. बीते महीनों में दुनिया का विश्वास भारत पर और मजूबत हुआ है. विदेशी निवेशकों ने भारत में रिकॉर्ड निवेश किया है और निरंतर कर रहे हैं. आज प्रत्येक नागरिक आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. लोकल के लिए वोकल होकर काम कर रहा है.
भारत का निजी क्षेत्र
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का निजी क्षेत्र न सिर्फ देश की जरूरतों को पूरा कर सकता है बल्कि ग्लोबल स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित कर सकता है. मैंने लाल किले से कहा था, हमारा लक्ष्य हो 'जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट. आत्मनिर्भर भारत अभियान हर क्षेत्र में क्षमता को बढ़ावा देता है. सनराइज और टेक इंडस्ट्रीज को नई उर्जा देने पर ज्यादा बल दिया जा रहा है. देश में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम शुरू की गई है, जो परफॉर्म करेगा, इस इंसेंटिव का हकदार होगा. पीएम नरेंद्र मोदी ने फिक्की की 93वीं वार्षिक आम बैठक को किया संबोधित, कहा- 2020 के इस साल में देश उतार-चढ़ाव से गुजरा.
दुनिया का सबसे बड़ा डीबीटी भारत में कर रहा काम
उन्होंने कहा कि अब देश में सुधार हो रहे हैं. कई दीवारों को हटाने का काम कर रहे हैं. कृषि सुधार इसी की एक कड़ी है. इन सुधारों के बाद किसानों को नया बाजार मिलेगा और कृषि क्षेत्र में निवेश होगा. आज दुनिया का सबसे बड़ा डीबीटी भारत में काम कर रहा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस तंत्र की प्रशंसा हुई है. कोरोना महामारी में इसके जरिए सिर्फ़ एक क्लिक से करोड़ों रुपए आम लोगों को भेजे गए.
कुछ लोगों के लिए गांव का मतलब पिछड़ापन रहा है, आज बिल्कुल अलग दृश्य देखने को मिलेगा, गांवों में नई आशा दिखेगी. आज का ग्रामीण भारत बड़े बदलाव से गुजर रहा है. देश के कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए तेजी से काम किए गए, फसल मंडियों से बाहर बेचने की सुविधा के साथ ही मंडियों का आधुनिकीकरण हुआ, डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए फसल बेचने का अवसर मिल रहा है. PM Narendra Modi at FICCI Convention: पीएम मोदी बोले- 20-20 के मैच में तेजी के साथ बहुत कुछ बदलते देखा, साल 2020 ने सबको मात दी.
कृषि में निजी क्षेत्र का निवेश
प्रधानमंत्री ने कहा कृषि में निजी क्षेत्र का पर्याप्त निवेश नहीं हुआ, इस तरफ उद्योग जगत का ध्यान नहीं गया, कृषि में उद्योग जगत की रुचि और निवेश दोनों की जरूरत है. हाल के कृषि सुधारों से कृषि और उनसे जुड़े क्षेत्रों के बीच की अड़चनें हटाई जा रही है. अब किसानों को नए बाजार, नए विकल्प मिलेंगे और उन्हें टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 12, 2020 02:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

