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पटना: डॉक्टरों ने 60 वर्षीय मरीज के दिमाग से हटाया क्रिकेट बॉल के आकार का Black Fungus, तीन घंटे तक चली सर्जरी

बिहार के पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान यानी आईजीआईएमएस के डॉक्टरों ने शुक्रवार को एक 60 वर्षीय व्यक्ति के मस्तिष्क से एक क्रिकेट बॉल के आकार का ब्लैक फंगस यानी म्यूकोर्मिकोसिस को सर्जरी के जरिए हटाया है. बताया जा रहा है कि क्रिकेट साइज के ब्लैक फंगस को मस्तिष्क से हटाने के लिए यह सर्जरी करीब 3 घंटे तक चली और सर्जरी के बाद जमुई के मरीज अनिल कुमार स्वस्थ हैं.

पटना: डॉक्टरों ने 60 वर्षीय मरीज के दिमाग से हटाया क्रिकेट बॉल के आकार का Black Fungus, तीन घंटे तक चली सर्जरी
ऑपरेशन रूम और प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits : Pixabay)

Cricket Ball-Sized Black Fungus: बिहार (Bihar) के पटना (Patna) स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (Indira Gandhi Institute of Medical Sciences) यानी आईजीआईएमएस (IGIMS) के डॉक्टरों ने शुक्रवार को एक 60 वर्षीय व्यक्ति के मस्तिष्क से एक क्रिकेट बॉल के आकार का ब्लैक फंगस (Cricket Ball-Sized Black Fungus) यानी म्यूकोर्मिकोसिस (Mucormycosis) को सर्जरी के जरिए हटाया है. बताया जा रहा है कि क्रिकेट साइज के ब्लैक फंगस को मस्तिष्क से हटाने के लिए यह सर्जरी करीब 3 घंटे तक चली और सर्जरी के बाद जमुई के मरीज अनिल कुमार स्वस्थ हैं.

शनिवार को संवाददाताओं से बात करते हुए IGIMS के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने कहा कि मस्तिष्क क्षेत्र में इतनी तीव्रता का म्यूकोर्मिकोसिस का कोई मामला पहले राज्य में कहीं से भी सामने नहीं आया था. उन्होंने कहा डॉ. ब्रजेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने इतनी सटीकता से मरीज का ऑपरेशन किया कि उसकी आंखों पर कोई असर नहीं पड़ा. यह भी पढ़ें: Black Fungus: दिल्ली में ब्लैक फंगस का कहर जारी, कुल 944 मामले सामने आए

दो हफ्ते पहले कोविड-19 के बाद अनिल कुमार को मिर्गी का दौरा पड़ा, जिससे उन्हें अस्थायी तौर पर बेहोशी हो गई. इसके बाद उन्होंने स्थानीय डॉक्टरों से परामर्श किया, लेकिन उनकी हालत बिगड़ती गई और उन्हें IGIMS में भर्ती कराया गया. मरीज के सीटी स्कैन और एमआरआई टेस्ट से पता चला कि उनके मस्तिष्क पर म्यूकोर्मिकोसिस ने गंभीर रूप से आक्रमण किया था. एक क्रिकेट बॉल के आकार के ब्लैक फंगस के अलावा उनके मस्तिष्क से करीब 100 मिलीमीटर फोड़ा भी हटा दिया गया था.

डॉ. ब्रजेश ने दावा किया कि ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीज के नाक मार्ग से मस्तिष्क के ललाट भाग में प्रवेश कर गया था. इसके तेजी से फैलने के कारण उन्हें मिर्गी का दौरा पड़ा. IGIMS, एक कोविड-समर्पित सुविधा ने म्यूकोर्मिकोसिस के रोगियों पर कई सर्जरी की है, जो नाक के मार्ग, मुंह, आंखों और मस्तिष्क सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित करती है. IGIMS के निदेशक डॉ. एन आर बिस्वास ने दुर्लभ सर्जरी के लिए टीम को बधाई दी.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 13, 2021 09:29 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).