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Pashupatinath Temple Reopens: 9 महीने बाद खुले पशुपतिनाथ मंदिर के कपाट, कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य

विश्वप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर (Pashupatinath Temple) के कपाट आज (16 दिसंबर) करीब नौ महीने बाद खुल गए है. कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए इस प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल में विशेष पूजा पर रोक लगा दी गई थी. यह प्रसिद्ध हिंदू मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और पांचवीं शताब्दी में बना था.

Pashupatinath Temple Reopens: 9 महीने बाद खुले पशुपतिनाथ मंदिर के कपाट, कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य
पशुपतिनाथ मंदिर (Photo Credits: Wikimedia Commons)

काठमांडू: नेपाल (Nepal) में स्थित विश्वप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर (Pashupatinath Temple) के कपाट आज (16 दिसंबर) करीब नौ महीने बाद खुल गए है. कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए इस प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल में विशेष पूजा पर रोक लगा दी गई थी. यह प्रसिद्ध हिंदू मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और पांचवीं शताब्दी में बना था. पशुपतिनाथ मंदिर कोविड-19 (COVID-19) महामारी के कारण मार्च में लगे पहले चरण के लॉकडाउन के बाद से ही बंद था. अब यह पवित्र स्थल हर रोज सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक खुला रहेगा. मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना से जुड़े स्वास्थ्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सख्ती से करना होगा. नेपाल के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में स्वच्छता केंद्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है भारत

नेपाल के संस्कृति मंत्री भट्टराई नेने ने जुलाई महीने में ही पशुपतिनाथ मंदिर का संचालन करने वाले पशुपतिनाथ एरिया डेवलपमेंट ट्रस्ट (पीएडीटी) को इस मंदिर को फिर से खोलने की तैयारियां शुरू करने के लिए कह दिया था. ‘द राइजिंग नेपाल’ समाचार पत्र की खबर के अनुसार मंत्री ने स्वास्थ्य और सुरक्षा उपायों को अपनाते हुए दिन के दौरान एक निश्चित समय पर पशुपतिनाथ मंदिर को खोलने की तैयारियां करने के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिये थे.

पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल का सबसे बड़ा मंदिर परिसर है और बागमती नदी के दोनों तरफ फैला हुआ है जहां हर दिन नेपाल और भारत से हजारों श्रद्धालु आते हैं. यह नेपाल का सबसे पुराना और सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है. पीएडीटी पांचवीं शताब्दी की इस मंदिर का प्रबंधन करता है. मंदिर के पास विभिन्न बैंकों में 120 करोड़ रुपये नकद, 9.276 किलोग्राम सोना, 316.58 किलोग्राम चांदी और 186 हेक्टेयर जमीन की संपत्ति है. यह मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के तहत भी सूचीबद्ध है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 16, 2020 09:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).