समोसा, जलेबी और लड्डू पर सरकार की हेल्थ वॉर्निंग? PIB Fact Check से जानिए क्या है सच
Representational Image | Pixabay, Pexels

हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सामोसा, जलेबी और लड्डू जैसे पारंपरिक भारतीय स्नैक्स पर हेल्थ वॉर्निंग जारी की है. यह दावा तेजी से वायरल हुआ और लोगों में भ्रम फैल गया कि अब उनकी पसंदीदा स्ट्रीट फूड्स पर भी सरकारी बंदिशें लगने वाली हैं. लेकिन PIB फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल दावे को पूरी तरह फर्जी बताया है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐसी एडवाइजरी जारी की है जिसमें कहा गया है कि सामोसा, जलेबी, लड्डू जैसे खाद्य पदार्थों में छुपे फैट और शक्कर को देखते हुए इन पर हेल्थ वॉर्निंग लगाई जाएगी.

अहमदाबाद-मुंबई के बीच नहीं चलेगी जापानी बुलेट ट्रेन? PIB फैक्ट चेक से जानें रेल मंत्रालय ने क्या कहा.

PIB Fact Check की ओर से ट्विटर (अब X) पर साझा किए गए पोस्ट में कहा गया: “@MoHFW_INDIA ने सामोसा, जलेबी और लड्डू जैसे खाद्य पदार्थों पर कोई हेल्थ वॉर्निंग नहीं लगाई है. यह दावा पूरी तरह गलत है.” स्वास्थ्य मंत्रालय ने किसी भी लोकल विक्रेता या पारंपरिक स्नैक्स को विशेष रूप से निशाना नहीं बनाया है.

PIB ने किया साफ – “कोई चेतावनी जारी नहीं हुई”

असल में क्या है हेल्थ एडवाइजरी?

PIB के अनुसार, यह एडवाइजरी सिर्फ एक Behavioral Nudge है यानी लोगों को यह जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया है कि वे अपने खानपान में छुपी हुई चीनी और फैट पर ध्यान दें. यह किसी विशेष व्यंजन के खिलाफ नहीं है, बल्कि एक सामान्य सलाह है कि कार्यस्थलों और दैनिक जीवन में लोग हेल्दी विकल्प चुनें और ज्यादा तेल-चीनी से परहेज़ करें.

क्यों जरूरी है ऐसा स्पष्टीकरण?

भारत में स्ट्रीट फूड सिर्फ खाना नहीं, हमारी जिंदगी का हिस्सा है. खासकर जैसे उत्तर भारत में चाट, समोसा, जलेबी और मिठाइयां हर खास मौके पर खाई जाती हैं. ऐसे में जब इस तरह की भ्रामक खबरें फैलती हैं कि सरकार इन्हें बंद करने या वॉर्निंग लगाने जा रही है, तो लोगों में भ्रम फैलना स्वाभाविक है.

तो अगली बार जब आप जलेबी-समोसे के स्वाद में डूबें, तो जरूर सोचें कि संतुलन और हेल्दी विकल्प भी जरूरी हैं लेकिन घबराने की कोई जरूरत नहीं है.