VIDEO: 'कांवड़ लेकर मत जाना, तुम ज्ञान का दीप जलाना': धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में बरेली के टीचर पर FIR दर्ज

Bareilly Teacher Dispute: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक मामला सामने आया है, जहां एक स्कूल टीचर द्वारा छात्रों के सामने गाया गया एक गीत विवादों में घिर गया है. ये गीत कांवर यात्रा से जुड़ा बताया जा रहा है और अब सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो गया है. घटना बरेली के बहेड़ी इलाके स्थित एमजीएम इंटर कॉलेज की है, जहां शिक्षक रजनीश गंगवार छात्रों को कविता या गीत के रूप में कुछ पंक्तियां सुना रहे थे. गीत की पंक्तियां थीं, "कांवड़ लेकर मत जाना, तुम ज्ञान का दीप जलाना, मानवता की सेवा करके तुम सच्चे मानव बन जाना." इन पंक्तियों को लेकर आरोप लगाया गया है कि ये कांवर यात्रा की भावनाओं को आहत करती हैं.

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 कांवर यात्रा पर टिप्पणी को लेकर मचा बवाल

पुलिस ने दर्ज किया मामला

जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर फैला, कुछ स्थानीय नेताओं और एक पार्षद ने इस पर आपत्ति जताई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. बहेड़ी थाना क्षेत्र के सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है.

उन्होंने कहा, "छात्रों के सामने कांवर यात्रा को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गईं, जिसकी वजह से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं."

वीडियो पुराना, दोबारा फैलाया गया?

जिला विद्यालय निरीक्षक अजीत कुमार सिंह ने बयान देते हुए कहा कि यह वीडियो पुराना प्रतीत होता है और संभवतः इसे कांवर यात्रा के दौरान जानबूझकर दोबारा फैलाया गया है. ताकि लोगों की भावनाओं को भड़काया जा सके. उन्होंने बताया कि वीडियो की जांच करवाई गई है और शिक्षक ने इस पर अपना स्पष्टीकरण भी दिया है.

शिक्षक रजनीश गंगवार की ओर से बताया गया कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने मानवता और शिक्षा को महत्व देने की बात की थी, न कि किसी धार्मिक परंपरा का विरोध किया.

कांवड़ यात्रा का महत्व

बता दें कि कांवड़ यात्रा शिवभक्तों की एक विशाल धार्मिक यात्रा है, जो हर साल सावन के महीने में निकाली जाती है. इस बार ये यात्रा 11 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगी. लाखों श्रद्धालु इसमें भाग लेकर गंगाजल लाते हैं और शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं.

यह मामला फिलहाल जांच में है, लेकिन यह जरूर बताता है कि संवेदनशील मुद्दों पर बोलते समय शिक्षकों जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए.