रूस को ट्रंप की चेतावनी से क्या भारत पर महंगे तेल का संकट? पाबंदियों से बढ़ी चिंता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में रूस को चेतावनी दी है कि अगर वह 50 दिनों के अंदर यूक्रेन युद्ध खत्म नहीं करता, तो अमेरिका "सेकेंडरी टैरिफ्स" यानी द्वितीयक प्रतिबंध लगाएगा. इसका मतलब यह है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भी आर्थिक दंड लगाया जाएगा.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में रूस को चेतावनी दी है कि अगर वह 50 दिनों के अंदर यूक्रेन युद्ध खत्म नहीं करता, तो अमेरिका "सेकेंडरी टैरिफ्स" यानी द्वितीयक प्रतिबंध लगाएगा. इसका मतलब यह है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भी आर्थिक दंड लगाया जाएगा. यह धमकी सीधे तौर पर भारत और चीन जैसे देशों को प्रभावित कर सकती है, जो रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदते हैं. यूक्रेन युद्ध से पहले भारत, रूस से कुल कच्चे तेल का केवल 1% ही खरीदता था. लेकिन 2023 और 2024 में यह आंकड़ा 30% से ऊपर पहुंच गया है.
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ब्लूमबर्ग के अनुसार, जून 2024 में भारत ने रूस से 2.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल आयात किया, जो मई 2023 के रिकॉर्ड के करीब है. रूस ने पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद भारत को भारी छूट पर तेल बेचना शुरू किया, जिससे भारत को बड़ी आर्थिक राहत मिली.
चीन की स्थिति क्या है?
चीन ने भी रूस से तेल आयात बढ़ाया है, लेकिन भारत जैसी तीव्र गति से नहीं. फिर भी, चीन लगातार 1 मिलियन बैरल प्रतिदिन से अधिक तेल रूस से खरीद रहा है, जिससे रूस उसका प्रमुख ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बन गया है.
बाजार की शुरुआती प्रतिक्रिया क्या रही?
ट्रंप की धमकी के बावजूद वैश्विक तेल बाजार में फिलहाल ज्यादा हलचल नहीं दिखी. ब्रेंट क्रूड की कीमत 2% गिरकर 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बंद हुई, जो बताता है कि बाजार अभी इसे गंभीर संकट नहीं मान रहा. हालांकि, अगर प्रतिबंध वाकई में लागू हो जाते हैं, तो आपूर्ति श्रृंखला में खलल पड़ सकता है.
भारत के पास क्या विकल्प हैं?
अगर भारत को रूस से तेल खरीदने पर रोक लगती है, तो उसे मध्य पूर्व और अफ्रीका जैसे अन्य स्रोतों से तेल मंगवाना होगा. लेकिन इसकी कीमत ज्यादा होगी.
उदाहरण के तौर पर सऊदी अरब से आयातित तेल, रूसी तेल से 5 डॉलर प्रति बैरल महंगा है. इराक से आने वाला तेल भी 50 सेंट अधिक महंगा है. रिस्टैड एनर्जी के विशेषज्ञ मुकेश सहदेव के अनुसार, "अगर भारत को मजबूरी में रूस से तेल खरीदना बंद करना पड़े, तो उसे दूसरे OPEC देशों से तेल मिलेगा, लेकिन कीमत ज्यादा देनी पड़ेगी."
क्या बढ़ेगा भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत?
अगर ट्रंप की धमकी पर अमल होता है और भारत को रूसी तेल छोड़ना पड़ता है, तो घरेलू बाजार पर इसका असर पड़ सकता है. तेल कंपनियां ज्यादा दाम पर तेल खरीदेंगी, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2025 05:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

