Missile Threat: दुबई के लोगों को फोन पर मिला संभावित मिसाइल खतरे का अलर्ट, सुरक्षा के लिए उठाए गए सख्त कदम
UAE के गृह मंत्रालय ने लोगों को संभावित मिसाइल हमले की चेतावनी देते हुए जारी किया अलर्ट (Photo Credits: X)

दुबई: संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates) यानी यूएई (UAE) में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब निवासियों के फोन पर अचानक 'मिसाइल थ्रेट अलर्ट' (Missile Threat Alert) के संदेश आने लगे. सायरन की गूंज के बीच जारी इन आपातकालीन चेतावनियों (Emergency Warnings) में लोगों को तुरंत सुरक्षित इमारतों में शरण लेने और खिड़कियों के पास न रहने की सलाह दी गई. करीब एक घंटे बाद 'ऑल-क्लियर' (All-Clear) (सामान्य स्थिति) का संदेश जारी किया गया.

यूएई रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 7 बैलिस्टिक मिसाइलों और 131 ड्रोनों को ट्रैक किया गया था. इनमें से 6 मिसाइलों और 125 ड्रोनों को हवाई सुरक्षा प्रणालियों द्वारा हवा में ही नष्ट कर दिया गया. हालांकि, एक मिसाइल और 6 ड्रोन यूएई के भू-भाग में गिरे. पिछले छह दिनों से जारी इस तनावपूर्ण स्थिति में अब तक कुल 200 से अधिक मिसाइलें और 1,000 से ज्यादा ड्रोन हमले के प्रयास किए जा चुके हैं. यह भी पढ़ें: Middle East Conflict: फारस की खाड़ी में गहराया समुद्री संकट, सैन्य संघर्ष के बीच 5 की मौत; 69 का रेस्क्यू और 10 से अधिक जहाज क्षतिग्रस्त

वैश्विक यात्रा और वाणिज्य पर असर

इस सैन्य तनाव ने न केवल सुरक्षा को प्रभावित किया है, बल्कि वैश्विक यात्रा और स्थानीय व्यापार पर भी गहरा असर डाला है. दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो दुनिया के सबसे व्यस्त ट्रांजिट हब में से एक है, फिलहाल अपनी 25% क्षमता पर ही काम कर रहा है. अमीरात और एतिहाद जैसी प्रमुख एयरलाइनों ने अपनी उड़ानों के कार्यक्रम सीमित कर दिए हैं. सुरक्षा कारणों से ग्लोबल विलेज जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी फिलहाल बंद रखे गए हैं. यह भी पढ़ें: CBSE Exam 2026 Update: बोर्ड ने मिडिल ईस्ट में 11 मार्च तक होने वाली कक्षा 10 की परीक्षाएं की रद्द

दुबई में इमरजेंसी मिसाइल अलर्ट जारी किया गया

दुबई में फोन पर ‘संभावित मिसाइल खतरे’ की चेतावनी दिखाई गई

आधिकारिक चेतावनी और सुरक्षा दिशा-निर्देश

यूएई प्रशासन ने सुरक्षा और गोपनीयता को देखते हुए निवासियों को सख्त चेतावनी दी है. अधिकारियों ने कहा है कि हवाई हमलों के दौरान किसी भी प्रकार के फुटेज या वीडियो रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया पर साझा न करें, क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है.

सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है. ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़ते क्षेत्रीय संघर्ष के कारण यह स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है. निवासियों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों द्वारा दी जाने वाली सूचनाओं पर ही भरोसा करें और घबराहट फैलाने वाली अफवाहों से दूर रहें.