देश

Petrol Price Today, March 6, 2026: पेट्रोल की कीमतों में स्थिरता बरकरार, वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को राहत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बावजूद, भारत में पेट्रोल की कीमतें शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को स्थिर बनी हुई हैं. प्रमुख महानगरों में पेट्रोल के दाम अभी भी अपरिवर्तित हैं, जो उपभोक्ताओं के लिए एक राहत की खबर है.

Petrol Price Today, March 6, 2026: पेट्रोल की कीमतों में स्थिरता बरकरार, वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को राहत
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Wikimedia Commons)

Petrol Price Today, March 6, 2026: वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में चल रही हलचल के बीच भारतीय ईंधन बाजार (Indian Fuel Market) में स्थिरता देखी जा रही है. शुक्रवार, 6 मार्च को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतों (Petrol Prices) में कोई बदलाव नहीं हुआ है. सरकारी तेल विपणन कंपनियों (Government Oil Marketing Companies) (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है. आज, 6 मार्च को दिल्ली, चेन्नई, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, जोधपुर, जयपुर, श्रीनगर, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और अहमदाबाद में पेट्रोल की कीमतें देखने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.

प्रमुख शहरों में पेट्रोल की ताजा कीमतें (प्रति लीटर)

शहर पेट्रोल का भाव (प्रति लीटर)
दिल्ली ₹94.77
मुंबई ₹103.54
चेन्नई ₹100.80
कोलकाता ₹105.41
हैदराबाद ₹107.46
बेंगलुरु ₹102.99
पुणे ₹104.04
जयपुर ₹104.69
लखनऊ ₹94.69
अहमदाबाद ₹94.49

(नोट: पेट्रोल की कीमतों में अंतर का मुख्य कारण राज्य-स्तरीय वैट (VAT), माल ढुलाई शुल्क और स्थानीय नगरपालिका कर है।)

कीमतों में स्थिरता के पीछे के कारण

वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 83 से 85 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर रहा है. मिडिल ईस्ट में हालिया सैन्य तनाव ने आपूर्ति को लेकर चिंताएं जरूर पैदा की हैं, लेकिन भारतीय तेल कंपनियों ने फिलहाल इसका बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला है.

इसके अलावा, रुपया-डॉलर विनिमय दर में स्थिरता ने भी ईंधन की आयात लागत को नियंत्रित रखने में मदद की है. भारत अपनी कच्चे तेल की 80% से अधिक आवश्यकता का आयात करता है, इसलिए रुपये की मजबूती घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने में एक महत्वपूर्ण कारक साबित हो रही है.

ओएमसी की रणनीति

सरकारी तेल कंपनियां एक संतुलित मूल्य निर्धारण दृष्टिकोण अपना रही हैं. जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होता है, तो ये कंपनियां अपने मार्जिन के जरिए इसे समायोजित करती हैं ताकि आम जनता पर महंगाई का तुरंत असर न पड़े. हालांकि, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो भविष्य में कीमतों में मामूली संशोधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.

फिलहाल, पेट्रोल की कीमतों का स्थिर रहना परिवहन और रसद (Logistics) से जुड़े उद्योगों के लिए एक सकारात्मक संकेत है. उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे ईंधन की दैनिक अपडेट के लिए अपनी संबंधित तेल कंपनियों के आधिकारिक पोर्टल या एसएमएस सेवाओं का उपयोग करें.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 06, 2026 11:02 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).