8th Central Pay Commission: कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से मांगे गए सुझाव, जानें कैसे और कहां करें आवेदन
8वां वेतन आयोग (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (Eighth Central Pay Commission) ने वेतन और पेंशन (Pension) में बदलाव से जुड़ी अपनी प्रक्रिया तेज कर दी है. आयोग ने सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) से आधिकारिक तौर पर सुझाव और ज्ञापन आमंत्रित किए हैं. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कर्मचारी संघों, पेंशनभोगियों और अन्य संगठनों के लिए सुझाव जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है. कमीशन ने अपनी वेबसाइट पर काम कर रहे कर्मचारियों/पेंशनर्स, ऑर्गनाइज़ेशन/संस्थाओं के साथ-साथ कर्मचारियों, पेंशनर्स और इच्छुक लोगों के एसोसिएशन और यूनियन से मेमोरेंडम/रिप्रेजेंटेशन मंगाने के लिए एक ऑनलाइन स्ट्रक्चर्ड फॉर्मेट दिया है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: क्या सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 20,000 रुपये मेडिकल भत्ता और 7% सालाना इंक्रीमेंट? जानें प्रमुख मांगें

ऑनलाइन सुझाव कैसे दें?

आयोग ने सुझावों को व्यवस्थित करने के लिए एक 'ऑनलाइन स्ट्रक्चर्ड फॉर्मेट' तैयार किया है. इसके लिए मापदंड स्पष्ट हैं:

  • पोर्टल: सभी सुझाव केवल in (innovateindia.mygov.in) पोर्टल पर ही जमा करने होंगे.
  • नोट: आयोग ने स्पष्ट किया है कि कागज पर आधारित कॉपियाँ, ईमेल या पीडीएफ के माध्यम से भेजे गए सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा.

कब तक लागू हो सकते हैं नए वेतनमान?

देशभर के लगभग 1.1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 8वें वेतन आयोग के लागू होने का बेसब्री से इंतजार है. हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान वेतन और पेंशन में पूर्ण वृद्धि की संभावना कम है. आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने की समय सीमा दी गई है, जो मई 2027 में समाप्त होगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आयोग अपनी परामर्श प्रक्रिया में तेजी लाता है, तो रिपोर्ट समय सीमा से पहले पेश की जा सकती है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट, बढ़ती DA से केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में मजबूत फिटमेंट बढ़ोतरी के संकेत

महंगाई भत्ता और वित्तीय प्रभाव

पिछली बार की तरह, इस बार भी नई वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को शून्य पर सेट किया जा सकता है और फिर उन्हें चरणों में बहाल किया जाएगा। वर्तमान में DA और DR का स्तर 58% तक पहुँच चुका है.

वित्तीय प्रभाव की बात करें तो 7वें वेतन आयोग का प्रभाव लगभग 1.02 लाख करोड़ रुपये था.  हालांकि, 8वें वेतन आयोग का वित्तीय बोझ कहीं अधिक रहने की उम्मीद है. बड़े कार्यबल और पेंशनभोगियों की बढ़ती संख्या के कारण यह प्रभाव 2.4 लाख करोड़ रुपये से लेकर 3.2 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकता है.

सरकार का लक्ष्य इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित रखना है, ताकि सभी हितधारकों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए संतुलित रिपोर्ट तैयार की जा सके.