Hyderabad Shocker: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक बेहद अजीबोगरीब और चिंताजनक घटना सामने आई है. मल्लापुर इलाके में एक ग्राहक ने दावा किया है कि उसे किंगफिशर लाइट (Kingfisher Light) बीयर की एक सीलबंद बोतल के अंदर एक छोटी जिंदा मछली तैरती हुई मिली है. शुक्रवार, 6 मार्च को हुई इस घटना का वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है. इस घटना ने बोतलबंद पेय पदार्थों के निर्माण और उनकी गुणवत्ता जांच (Quality Control) की प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
मल्लापुर के वाइन शॉप का मामला
जानकारी के अनुसार, मल्लापुर के एक स्थानीय निवासी ने नचाराम पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाली 'जेपी वाइन शॉप' से बीयर की बोतल खरीदी थी. ग्राहक ने बताया कि बोतल खोलने से पहले ही उसकी नजर उसके अंदर हो रही हलचल पर पड़ी. जब उसने ध्यान से देखा, तो सुनहरे तरल के बीच एक छोटी मछली तैरती नजर आई. इस नजारे को देख ग्राहक दंग रह गया और उसने तुरंत दुकान प्रबंधन से इसकी शिकायत की. यह भी पढ़े: Dead Rat Found in Curd: ग्राहकों के दही से निकला मरा हुआ चूहा, गाजीपुर में बड़ी लापरवाही आई सामने, प्रशासन ने किया ढाबा सील: VIDEO
बीयर की बोतल के अंदर मिली जिंदा मछली
दुकानदारों और ग्राहक के बीच तीखी बहस
जब ग्राहक ने इस लापरवाही पर जवाब मांगा, तो वाइन शॉप के कर्मचारियों और उसके बीच तीखी बहस शुरू हो गई. दुकान के कर्मचारियों ने जिम्मेदारी लेने से इनकार करते हुए कहा कि वे केवल रिटेलर हैं और उनका काम माल बेचना है, बनाना नहीं. स्टाफ का कहना था कि वे बॉटलिंग या मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं होते हैं, इसलिए ग्राहक को सीधे कंपनी से संपर्क करना चाहिए.
वीडियो में दिखी लापरवाही की तस्वीर
दुकान से उचित प्रतिक्रिया न मिलने पर, ग्राहक ने सबूत के तौर पर बोतल का वीडियो बना लिया. वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बोतल को हिलाने पर उसके अंदर मछली तैर रही है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह मछली बॉटलिंग प्लांट में धुलाई या फिलिंग के दौरान बोतल में प्रवेश कर गई होगी, जिसे बाद में मशीनी तौर पर सील कर दिया गया.
खाद्य सुरक्षा विभाग से जांच की मांग
इस घटना के बाद हैदराबाद के निवासियों में बोतलबंद पेय पदार्थों की सुरक्षा को लेकर डर का माहौल है. स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और राज्य आबकारी विभाग (State Excise Department) से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. मांग की गई है कि संबंधित बॉटलिंग प्लांट का ऑडिट किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की गंभीर लापरवाही न हो.












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