ईरान ने पड़ोसी देशों से मांगी माफी, ट्रंप ने दी चेतावनी
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पड़ोसी देशों पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के लिए माफी मांगी है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पड़ोसी देशों पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के लिए माफी मांगी है. उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि “आज ईरान पर बहुत जोरदार हमला होगा.”अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान पर और कड़े हमले किए जाएंगे. अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि "आज ईरान पर बहुत जोरदार हमला होगा!”. ट्रंप ने यह टिप्पणी उस समय की जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पड़ोसी देशों से ईरान द्वारा किए गए हमलों को लेकर माफी मांगी है.
पेजेश्कियान ने कहा कि गलतफहमियों के चलते हमले हुए और यह भी बताया कि देश की सैन्य कमान पर हाल में हुए हमलों का असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि ईरान अब तभी पड़ोसी देशों पर हमला करेगा, जब वहां से हमला होगा. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान के पास अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है.
मध्य पूर्व में युद्ध लगातार फैलता जा रहा है और इसके दायरे में कई देश आ चुके हैं. अमेरिका, ईरान और इस्राएल के बीच बढ़ते टकराव के बीच क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों की संख्या तेज हो गई है, जबकि कई देशों ने हवाई हमलों, इंटरसेप्शन और सुरक्षा अलर्ट की पुष्टि की है. स्थिति तेजी से बदल रही है और मौतों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है.
खाड़ी देशों पर हमले
इसी बीच खाड़ी देशों ने बताया कि उन्होंने ईरान से दागे गए कई बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन नाकाम किए हैं. सऊदी अरब ने कहा कि उसने अपने विशाल सैबाह तेल क्षेत्र पर हमला करने आए चार ड्रोन गिराए. यह उसी दिन का दूसरा हमला था. दुबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी धमाके की आवाज सुनाई दी जिसके बाद यात्रियों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया और उड़ानें बाधित हुईं. कुवैत ने भी एक ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की. नतीजतन कोई हताहत नहीं हुआ. जॉर्डन ने बताया कि उस पर पिछले एक सप्ताह में ईरान की ओर से 119 मिसाइल और ड्रोन दागे गए जिनसे 14 लोग घायल हुए. वहां के सैन्य प्रवक्ता मुस्तफा हियारी के अनुसार हमले जॉर्डन के अपने इलाकों पर लक्षित थे.
इस्राएल ने लेबनान और तेहरान पर तीव्र हवाई हमले जारी रखे. अधिकारियों के अनुसार शनिवार तक ईरान में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में 200 से अधिक और इस्राएल में लगभग दर्जन भर लोग मारे जा चुके थे. छह अमेरिकी सैनिकों की मौत की भी पुष्टि हुई.
इस्राएल को और हथियार देगा अमेरिका
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर से बात करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संवाद को आगे बढ़ाने के लिए अभी भी अवसर मौजूद हैं. इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने इस्राएल को 151 मिलियन डॉलर के हथियारों की नई बिक्री को मंजूरी दे दी.
उधर ईरान के भीतर राजनीतिक अस्थिरता और गहरा गई है. एक प्रमुख धर्मगुरु अयातोल्लाह नासिर मकारेम शिराजी ने कहा कि सर्वोच्च नेता का उत्तराधिकारी जल्दी चुना जाना जरूरी है. युद्ध में एक्सपर्ट्स असेंबली की इमारतें भी निशाना बनी हैं जिससे इसकी बैठकें प्रभावित हुई हैं.
भारत के विदेश मंत्री सुब्रहमण्यम जयशंकर ने पुष्टि की कि ईरान का एक नौसैनिक पोत आईआरआईएस लवान कोच्चि में खड़ा है क्योंकि उसमें तकनीकी परेशानी आई थी. इन घटनाओं से कुछ दिन पहले अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस डेना को डुबो दिया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 07, 2026 08:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

