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नेपाल चुनाव: 35 साल के बालेन शाह पीएम बनने की ओर

नेपाल के आम चुनावों में, 2022 में बनी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को बहुमत मिलता दिख रहा है.

नेपाल चुनाव: 35 साल के बालेन शाह पीएम बनने की ओर
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

नेपाल के आम चुनावों में, 2022 में बनी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को बहुमत मिलता दिख रहा है. इसके 35 वर्षीय प्रमुख बालेन शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ अजेय बढ़त हासिल कर ली है.नेपाल में आम चुनाव के अंतिम नतीजे आने शुरू हो गए हैं. रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह ने सीधे मुकाबले में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ एक अजेय बढ़त बना ली है.

'बालेन' के नाम से मशहूर, शाह 2022 में काठमांडू के पहले निर्दलीय मेयर बने थे. राजनीति में आने से पहले 35 साल के बालेन, अपने संगीत के लिए चर्चित थे और सोशल मीडिया पर उनकी तगड़ी फैन फॉलोइंग थी.

न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, 80 प्रतिशत से ज्यादा वोटों की गिनती हो चुकी है और उसमें शाह को निर्णायक बढ़त मिल चुकी है.

इस तरह, अनुभवी मार्क्सवादी नेता ओली पर शाह की जीत और शहर के मेयर से संभावित प्रधानमंत्री तक उनका सफर, हाल की नेपाली राजनीति के सबसे नाटकीय नतीजों में से एक होगा. बालेन ने गरीब नेपालियों के लिए सेहत और शिक्षा को अपने अभियान के केंद्र में रखा. पारंपरिक राजनीतिक दलों के प्रति जनता के गुस्से का फायदा भी उनकी पार्टी को मिला है.

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पुरानी पार्टियों पर मतदाताओं का भरोसा नहीं

निर्वाचन आयोग के रुझानों के अनुसार, शाह की मध्यमार्गी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) संसदीय चुनावों में भारी बहुमत से जीतती दिख रही है. हालांकि अभी गिनती पूरी होनी है और अंतिम नतीजे आने हैं. नेपाल के निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई ने एएफपी को बताया, "रुझानों को देखते हुए, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने कई जगहों पर बढ़त बना ली है और कई सीटें जीत ली हैं."

गिनती के दूसरे दिन, शनिवार सुबह तक सिर्फ 48 सीटों के परिणाम घोषित किए गए. इसमें आरएसपी के खाते में 39 सीटें आई हैं. नेपाली कांग्रेस को छह सीटें मिलीं, वहीं पूर्व प्रधानमंत्री ओली की मार्क्सवादी पार्टी दो सीटों के साथ पिछड़ रही है. पूर्व माओवादी कमांडर और प्रधानमंत्री रह चुके पुष्प कमल दहल (प्रचंड) की पार्टी को अभी तक एक सीट मिली है.

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नेपाल की संसदीय व्यवस्था के मुताबिक, मतदाता संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के लिए सीधे तौर पर 165 सदस्यों का चुनाव करते हैं.

275 सदस्यीय सदन की बाकी 110 सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से आवंटित की जाएंगी. यानी, जिस राजनीतिक दल के पास जितनी वोटें होंगी, उसे उसी आधार पर सीटें आवंटित की जाएंगी.

शनिवार को देश के अधिकांश निर्वाचन क्षेत्रों में वोटों की गिनती जारी है और अंतिम परिणाम अगले दो दिनों के भीतर आने की संभावना है. देश के उत्तरी हिस्सों में दूर-दराज के पहाड़ी गांवों से हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल करके मतपेटियां जमा की गई हैं. इस चुनाव को व्यापक रूप से त्रिकोणीय मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है. नेपाल के मतदाता देश में व्यापक भ्रष्टाचार का खात्मा करने और सरकार की अधिक जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.

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साढ़े तीन साल में बड़ी छलांग

2022 में बनी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने लंबे समय से हावी दो दलों, नेपाली कांग्रेस और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के लिए एक कड़ी चुनौती पेश की है. साप्ताहिक अखबार 'नेपाली टाइम्स' के प्रकाशक कुंडा दीक्षित एएफपी से कहते हैं, "यह हमारी उम्मीद से भी बड़ा उलटफेर है. यह खराब प्रदर्शन जनता का पुराने दलों के साथ हुआ मोहभंग और सितंबर की घटनाओं पर लोगों के मन में गुस्से को दर्शाता है."

2025 में भ्रष्टाचार और खराब शासन के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन सोशल मीडिया प्रतिबंध के कारण शुरू हुए थे, जो बाद में सरकार के खिलाफ एक जन विद्रोह में बदल गए. प्रदर्शनकारियों ने कई सरकारी इमारतों, वरिष्ठ राजनेताओं और बड़े कारोबारियों के घरों पर हमला किया था. पुलिस ने उन पर गोलियां चलाई थीं, जिनमें कम से कम 77 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 07, 2026 08:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).