VIDEO: टमाटर की फसलों पर चलाया ट्रैक्टर, 1 से 2 रूपए किलों के हिसाब से बाजारों में बिकने के कारण लिया फैसला, इटावा के किसानों में भारी रोष
भारत देश में किसानों की हालत काफी खराब है. कभी मौसम की मार से उनका नुकसान हो जाता है तो कभी सब्जियों के भाव गिरने की वजह से उनका भारी नुकसान होता है.
इटावा, उत्तर प्रदेश: भारत देश में किसानों की हालत काफी खराब है. कभी मौसम की मार से उनका नुकसान हो जाता है तो कभी सब्जियों के भाव गिरने की वजह से उनका भारी नुकसान होता है. जिसके कारण किसान गुस्से में पूरी फसल पर ही ट्रैक्टर चला देते है. इटावा जिले में भी कई जगहों पर किसानों ने टमाटर की खेती की हुई थी. इसके लिए लोन भी लिया था. लेकिन टमाटर के भाव गिर जाने की वजह से किसानों का भारी नुकसान हो गया और इस वजह से जिले के कई किसानों ने टमाटर के पौधों पर ट्रैक्टर चला दिया.
दीपावली के दौरान टमाटर की फसल लगाई जाती है और पांच महीने के बाद इसको तोड़ा जाता है. लेकिन जितनी इसकी कमाई नहीं है, उससे ज्यादा मजदूरी देने के कारण किसान फसल पर ट्रैक्टर चला रहे है. इटावा जिले के भरथना क्षेत्र में कई किसान अपनी फसल पर ट्रैक्टर चलवा चुके है. इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @bstvlive नाम के हैंडल से शेयर किया गया है.ये भी पढ़े:Farmers Protest: किसानों के आंदोलन के बीच बिहार में एक रुपये किलो गोभी का भाव सुनकर गुस्साया किसान, खेत में तैयार फसल पर चला दिया ट्रैक्टर; देखें वीडियो
टमाटर की फसल पर चलाया ट्रैक्टर
इटावा
🔹 किसान ने टमाटर की फसल पर चलाया ट्रैक्टर
🔹 कीमत में भारी गिरावट, 1-2 रुपये किलो बिक्री
🔹 सही दाम न मिलने पर किसानों को भारी नुकसान
🔹 मंडियों में किसानों को नहीं मिल रहा टमाटर का सही भाव
🔹 भरथना क्षेत्र में सैकड़ों किसानों ने फसल पर चलाया ट्रैक्टर#Etawah… pic.twitter.com/kTQ4sVGuDx
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) April 6, 2025
टमाटर के भाव बाजारों में गिरे
किसानों का कहना है की टमाटर की लागत ही नहीं निकल रही है. 30 से 40 क्रेड बाजारों में इसका रेट चल रहा है. पिछले वर्ष 150 से 200 रूपए क्रेड के हिसाब से टमाटर बिके थे, लेकिन इस बार 30 से 40 रूपए क्रेड के हिसाब से ख़रीदे जा रहे है. किसान का कहना है की 40 से 45 हजार रूपए की टमाटर की फसल के लिए लागत आई है. लेकिन कुछ नहीं मिल रहा है.
हर साल किसानों का नुकसान
ये हाल केवल उत्तर प्रदेश के किसानों का नहीं है. ज्यादातर राज्यों में बेमौसम बारिश और भाव गिरने के कारण किसानों का भारी नुकसान होता है. महाराष्ट्र में इसी नुकसान के कारण अब तक कई किसान आत्महत्या भी कर चुके है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 06, 2025 05:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

