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पेगासस जासूसी संबंधी आरोपों की एसआईटी जांच का निर्देश देने को लेकर न्यायालय में याचिका दायर

उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर अनुरोध किया गया है कि पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, नेताओं और अन्य की इजराइली स्पाइवेयर पेगासस का इस्तेमाल करके सरकारी एजेंसियों द्वारा कथित रूप से जासूसी कराए जाने की खबरों की न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा जांच कराई जाए.

पेगासस जासूसी संबंधी आरोपों की एसआईटी जांच का निर्देश देने को लेकर न्यायालय में याचिका दायर
सुप्रीम कोर्ट (Photo Credits: IANS)

नयी दिल्ली, 22 जुलाई : उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में एक याचिका दायर कर अनुरोध किया गया है कि पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, नेताओं और अन्य की इजराइली स्पाइवेयर पेगासस का इस्तेमाल करके सरकारी एजेंसियों द्वारा कथित रूप से जासूसी कराए जाने की खबरों की न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा जांच कराई जाए. अधिवक्ता एम एल शर्मा द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि पेगासस कांड गहरी चिंता का विषय है और यह भारतीय लोकतंत्र, न्यायपालिका और देश की सुरक्षा पर गंभीर हमला है तथा ‘‘व्यापक स्तर और बिना किसी जवाबदेही के’’ निगरानी करना ‘‘नैतिक रूप से गलत’’ है. याचिका में कहा गया है, ‘‘निजता कुछ छुपाने की इच्छा नहीं होती. यह स्वयं की ऐसी जगह होती है, जहां हमारे विचार एवं हमारा अस्तित्व किसी ओर के उद्देश्यों के साधन नहीं होते हैं. यह गरिमा के लिए आवश्यक तत्व है.’’

इसमें कहा गया है कि पेगासस का उपयोग केवल बातचीत सुनने के लिए नहीं होता, बल्कि इसके उपयोग से व्यक्ति के जीवन के बारे में पूरी डिजिटल जानकारी हासिल कर ली जाती है और इससे ना केवल फोन का मालिक असहाय हो जाता है, बल्कि उसकी संपर्क सूची में शामिल हर व्यक्ति ऐसा महसूस करता है. याचिका पर आगामी दिनों में सुनवाई होने की संभावना है. इसमें कहा गया है कि जासूसी संबंधी इस खुलासे से राष्ट्रीय सुरक्षा पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि निगरानी प्रौद्योगिकी विक्रेताओं अत्यधिक बढ़ोतरी’’ वैश्विक सुरक्षा और मानवाधिकार के लिए समस्या है. जनहित याचिका में दावा किया गया है कि ऐसा बताया जा रहा है कि एनएसओ ग्रुप कंपनी के ग्राहकों ने 2016 के बाद से करीब 50,000 फोन नंबर को निशाना बनाया है. इसमें कहा गया है, ‘‘पेगासस केवल निगरानी उपकरण नहीं है. यह एक साइबर-हथियार है जिसे भारतीय सरकारी तंत्र के खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है. भले ही यह आधिकारिक हो (जिसे लेकर संशय है), लेकिन पेगासस का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है.’’ यह भी पढ़ें : Delhi: इंसाफ में देरी से खिझे शख्स ने कड़कड़डूमा कोर्ट में किया हंगामा, ‘तारीख पर तारीख’ के नारे लगाकर तोड़े फर्नीचर और कंप्यूटर

याचिका में अनुरोध किया गया है कि इस कांड की जांच और राजनीतिक हित साधने के लिए 2017 के बाद से न्यायाधीशों, विपक्ष के नेताओं, राजनीतिक लोगों, कार्यकर्ताओं, सलाहकारों और अन्य की कथित जासूसी करने एवं पेगासस खरीदने वाले मंत्रियों और सभी आरोपियों के खिलाफ जांच करने और अभियोग चलाने के लिए शीर्ष अदालत की निगरानी में एसआईटी का गठन किया जाए. याचिका में जासूसी के लिए पेगासस को खरीदने को अवैध एवं असंवैधानिक करार देने का अनुरोध किया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2021 12:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).