फांसी में सिर्फ 2 दिन बाकी, यमन में मौत के मुहाने पर निमिषा प्रिया, क्या बचेगी जान? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज
यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को फांसी की सज़ा मिली है और उन्हें बचाने के लिए अब सिर्फ दो दिन बचे हैं. आज भारतीय सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है, जहाँ 'ब्लड मनी' के जरिए उनकी जान बचाने की कोशिश की जा रही है. उनका परिवार 8.6 करोड़ रुपये देने को तैयार है, पर पीड़ित परिवार अभी तक तैयार नहीं है.
केरल की निमिषा प्रिया (Nimisha Priya) नाम की एक भारतीय नर्स यमन में फांसी की सजा (Death Penalty in Yemen) का सामना कर रही हैं. उन्हें 16 जुलाई को फांसी दी जानी है, यानी अब सिर्फ दो दिन बचे हैं. उनका परिवार और भारत सरकार उन्हें बचाने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. आज यानी 14 जुलाई को भारत के सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हो रही है.
क्या है पूरा मामला?
निमिषा प्रिया पर आरोप है कि उन्होंने 2017 में अपने यमनी बिज़नेस पार्टनर तलाल अब्दो की हत्या कर दी थी. यमन की अदालत ने उन्हें इस जुर्म के लिए मौत की सज़ा सुनाई है. उन्होंने निचली अदालतों से लेकर यमन की सबसे बड़ी अदालत तक हर जगह अपील की, लेकिन उनकी सज़ा बरकरार रखी गई. यहां तक कि यमन के राष्ट्रपति ने भी उन्हें माफ़ी देने से इनकार कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
आज सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका पर सुनवाई हो रही है. इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से कहा गया है कि वह केंद्र सरकार को निर्देश दे कि वह निमिषा को बचाने के लिए कूटनीतिक रास्ते (राजनयिक माध्यमों) अपनाए. इस मामले में जस्टिस विक्रम सेठ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच सुनवाई करेगी.
"ब्लड मनी" पर अटकी बात
निमिषा को बचाने का एक रास्ता "ब्लड मनी" का भी है. यमन में शरिया कानून के तहत अगर पीड़ित परिवार मान जाए तो "ब्लड मनी" (हत्या के बदले पैसा) देकर अपराधी की जान बचाई जा सकती है. निमिषा के परिवार ने तलाल अब्दो के परिवार को 8.6 करोड़ रुपये "ब्लड मनी" के तौर पर देने की पेशकश की है. उन्हें उम्मीद है कि यह पैसा स्वीकार करने के बाद तलाल का परिवार निमिषा को माफ कर देगा और उनकी जान बच जाएगी.
यह याचिका एडवोकेट सुभाष चंद्रा केआर ने दायर की है, जिसमें "ब्लड मनी" के विकल्प पर जोर दिया गया है. हालांकि, अभी तक तलाल अब्दो का परिवार "ब्लड मनी" लेने को तैयार नहीं हुआ है, जिससे स्थिति और मुश्किल हो गई है.
हत्या का पूरा मामला
यमन की अदालत के दस्तावेज़ों के मुताबिक, निमिषा प्रिया ने जुलाई 2017 में अपने बिज़नेस पार्टनर तलाल अब्दो मेहदी को कथित तौर पर नशीला पदार्थ देकर मार डाला था. फिर एक और नर्स की मदद से उन्होंने उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए और उन टुकड़ों को एक भूमिगत टैंक में फेंक दिया. जब इस हत्या का पता चला, तो निमिषा को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्होंने कथित तौर पर अपना गुनाह कबूल भी कर लिया था.
निमिषा प्रिया के खिलाफ आरोप इतने गंभीर थे कि अब तक सभी कानूनी कोशिशें नाकाम रही हैं. अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं और उम्मीद है कि कोई रास्ता निकलेगा जिससे निमिषा की जान बच सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 14, 2025 08:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

