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पुणे में पत्रकार पर जानलेवा हमला; महिला रिपोर्टर स्नेहा बर्वे को डंडे से पीटा, कांग्रेस ने फडणवीस सरकार को घेरा

स्नेहा बर्वे, जो ‘समर्थ भारत’ और SBP यूट्यूब चैनल की संस्थापक और संपादक हैं, गांव के नदी क्षेत्र में अवैध निर्माण पर रिपोर्टिंग कर रही थीं, तभी उन पर हमला किया गया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

पुणे में पत्रकार पर जानलेवा हमला; महिला रिपोर्टर स्नेहा बर्वे को डंडे से पीटा, कांग्रेस ने फडणवीस सरकार को घेरा

महाराष्ट्र के पुणे जिले के निगोठवाड़ी गांव में 4 जुलाई को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसमें पत्रकार स्नेहा बर्वे को लकड़ी के डंडे से बुरी तरह पीटा गया. स्नेहा बर्वे, जो ‘समर्थ भारत’ और SBP यूट्यूब चैनल की संस्थापक और संपादक हैं, गांव के नदी क्षेत्र में अवैध निर्माण पर रिपोर्टिंग कर रही थीं, तभी उन पर हमला किया गया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि स्नेहा बर्वे पर बार-बार डंडे से हमला किया गया जब तक कि वह बेहोश नहीं हो गईं. हमले के दौरान उनका कैमरामैन अजाज शेख भी पिटाई का शिकार हुआ, जब हमलावरों ने देखा कि पूरी घटना रिकॉर्ड हो रही है.

पुलिस ने बयान में कहा है कि वह मामले की जांच कर रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, वीडियो साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों की मौजूदगी के बावजूद अब तक की ढीली कार्रवाई ने प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं.

मुख्य आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर

महिला रिपोर्टर पर हमला

इस हमले के पीछे मुख्य आरोपी स्थानीय व्यापारी पांडुरंग सखाराम मोर्डे को बताया जा रहा है, जिसकी राजनीतिक संबंधों की चर्चा हो रही है. चौंकाने वाली बात यह है कि 10 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अभी तक मोर्डे को गिरफ्तार नहीं किया है.

कांग्रेस ने सरकार को घेरा, कहा- "महाराष्ट्र में जंगलराज!"

इस घटना के सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी ने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा, "अगर एक महिला पत्रकार दिन-दहाड़े रिपोर्टिंग करते हुए पीटी जाती है और सरकार खामोश है, तो ये राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता है."

पत्रकार संगठनों में भी रोष, सुरक्षा की मांग

इस बर्बर हमले के बाद पत्रकार संगठनों ने भी इस पर गहरी नाराजगी जताई है. कई संगठनों ने कहा है कि “पत्रकारों को सुरक्षित माहौल में रिपोर्टिंग करने का अधिकार है. अगर उन्हें ही धमकाया जाएगा या मारा जाएगा, तो लोकतंत्र कैसे बचेगा?”

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2025 10:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).