Firing is Importnat: फायरिंग भी उतनी ही जरूरी जितनी हायरिंग, टेक CEO का दावा; नौकरी से निकालने की देता हूं ट्रेनिंग
आज की टेक्नोलॉजी की दुनिया में कर्मचारी रखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उन्हें सही समय पर हटाना भी है. ये कहना है Journi के CEO Andreas Roettl का, जिन्होंने हाल ही में अपने एक पोस्ट के जरिए सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी.
Firing is Importnat: आज की टेक्नोलॉजी की दुनिया में कर्मचारी रखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उन्हें सही समय पर हटाना भी है. ये कहना है Journi के CEO Andreas Roettl का, जिन्होंने हाल ही में अपने एक पोस्ट के जरिए सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी. Roettl का मानना है कि जैसे हम अच्छे कर्मचारियों को हायर करने पर ध्यान देते हैं, वैसे ही हमें सही समय पर कर्मचारियों को हटाने पर भी ध्यान देना चाहिए. उनके अनुसार, फायरिंग टीम के माहौल और कल्चर को बनाए रखने के लिए उतनी ही जरूरी है जितनी हायरिंग.
क्यों जरूरी है फायरिंग?
Roettl ने कहा, "कोई भी यह नहीं कहता कि मुझे लोगों को फायर करने में महारत है, लेकिन यह भी एक कौशल है जिसे विकसित करना चाहिए." उनका तर्क है कि फायरिंग से टीम का मनोबल और काम हमेशा बेहतर बना रहता है, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फायरिंग एक ऐसा टॉपिक है जिसे लोग अनदेखा करते हैं, जबकि इसे लेकर भी उतनी ही गंभीरता होनी चाहिए जितनी हायरिंग को लेकर होती है. उन्होंने अपनी कंपनी में अपनाई गई रणनीति को भी साझा किया.
Journi में, कंपनी के लीडर्स को कर्मचारियों को फायर करने का कौशल सिखाया जाता है ताकि वे बेहतर तरीके से इस मुश्किल प्रक्रिया को अंजाम दे सकें.
परफॉर्मेंस सुधारने की तकनीक
Roettl ने अपने पोस्ट में बताया कि उनकी कंपनी में कमजोर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के लिए एक वार्निंग की प्रणाली है, जिसकी उन्होंने फुटबॉल के 'येलो कार्ड' से तुलना की. जब कोई कर्मचारी अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करता, तो उसे पहले स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि क्या सुधार चाहिए. इसके बाद उन्हें प्रदर्शन सुधारने के लिए समर्थन और एक प्लान दिया जाता है. अगर स्थिति में सुधार नहीं होता, तो दूसरी चेतावनी दी जाती है और फिर उसे कंपनी से विदा कर दिया जाता है.
Roettl का मानना है कि कर्मचारियों के साथ स्पष्ट बातचीत और उनके विकास के लिए सपोर्ट सिस्टम स्थापित करना बेहद जरूरी है. इस प्रक्रिया के माध्यम से, कर्मचारी को खुद में सुधार करने का अवसर मिलता है और वे अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझते हैं.
पोस्ट पर छिड़ा विवाद
हालांकि Roettl के इस विचार पर कई लोगों ने आलोचना की. कुछ यूजर्स ने इसे संवेदनहीन और कठोर बताया. उनकी प्रतिक्रिया में, Roettl ने एक और पोस्ट के जरिए माफी मांगी और स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. उन्होंने कहा कि किसी को नौकरी से निकालना कभी आसान नहीं होता, लेकिन सही तैयारी और संवेदनशीलता के साथ इसे किया जाना चाहिए, ताकि बाकी टीम का मनोबल बना रहे.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 01, 2024 07:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

