झांसी, उत्तर प्रदेश: झांसी में एंटी करप्शन की टीम ने एक दरोगा को 15 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है. जानकारी के मुताबिक़ दरोगा ने मैलोनी गांव के एक निपटारे के लिए पीड़ित से 15 हजार रूपए की रिश्वत की मांग की थी. जिसके बाद पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन से की. इसके बाद दरोगा को रिश्वत की रकम देने के लिए सुबह मऊ रानीपुर के आंबेडकर चौक बुलाया गया और जैसे ही दरोगा को 15 हजार रूपए दिए गए, वैसे ही दरोगा को एंटी करप्शन की टीम ने पकड़ लिया.
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया X पर @nedricknews नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Rajasthan Shocker: राजस्थान में घूसखोर विधायक रंगे हाथ गिरफ्तार, 20 लाख की रिश्वत लेते पकड़े गए BAP विधायक जयकृष्ण पटेल; जांच में जुटी ACB
रिश्वत लेते दरोगा गिरफ्तार
15 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया दरोगा.
- उत्तर प्रदेश के झाँसी में 15 हजार रिश्वत लेते पकड़ा गया यूपी पुलिस का दारोगा.
- मामले को निपटाने के लिए दरोगा विनीत कुमार 15 हजार रुपए ले रहे थे। एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया...#UttarPradesh #Jhanshi #UPPolice #Daroga… pic.twitter.com/k2cWjwyt6V
— Nedrick News (@nedricknews) July 11, 2025
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक़ मऊरानीपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक विनीत कुमार को 15,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई गुरुवार सुबह अंबेडकर चौराहे के पास की गई. जानकारी के अनुसार, मेलौनी गांव में हुई मारपीट की घटना की जांच कर रहे दरोगा विनीत कुमार ने एक पक्ष से धाराएं बदलने और पक्ष में रिपोर्ट देने के बदले 15 हजार रुपये की मांग की थी. पीड़ित की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया.
मौके पर रंगेहाथ पकड़े गए
गुरुवार सुबह तय स्थान पर जब शिकायतकर्ता ने विनीत कुमार को रिश्वत की रकम सौंपी, उसी समय एंटी करप्शन टीम ने दबिश देकर दरोगा को मौके पर ही धर दबोचा. टीम ने मौके पर उनके हाथ धुलवाए तो लाल रंग उनके हाथों पर स्पष्ट नजर आया.जैसे ही गिरफ्तारी हुई, मऊरानीपुर थाने से लेकर पुलिस महकमे तक हड़कंप मच गया. आरोपी दरोगा को प्रेम नगर थाने ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है.
दोनों पक्षों के विवाद से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला 28 जून को मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के मेलौनी गांव में दो पक्षों के बीच हुई भीषण मारपीट से संबंधित था. इसमें ज्वाला प्रसाद यादव नामक व्यक्ति को गंभीर चोटें आई थीं और उनका पैर तक टूट गया था. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी, जिसकी जांच की जिम्मेदारी दरोगा विनीत कुमार को दी गई थी.













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