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इस मामले में चीन और पाकिस्तान के बीच हुए मतभेद, क्या टूटेगी साझेदारी?

चीन ने मंगलवार को तुर्की से कहा कि वह उत्तरी सीरिया में जारी अपनी सैन्य कार्रवाई को रोके क्योंकि इससे आईएस के आतंकवादियों को भागने का मौका मिल सकता है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘सीरिया की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकीकरण और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए तथा इसे बरकरार रखा जाना चाहिए.’’

इस मामले में चीन और पाकिस्तान के बीच हुए मतभेद, क्या टूटेगी साझेदारी?
इमरान खान और शी जिनपिंग (Photo Credits: Getty)

बीजिंग: अपनी दोस्ती को ‘हिमालय से ऊंची’ बताने वाले वाले चीन और पाकिस्तान के बीच उत्तरी सीरिया में कुर्द लड़ाकों के खिलाफ तुर्की की सैन्य कार्रवाई को लेकर मतभेद हैं. बीजिंग ने जहां तुर्की से सैन्य अभियान रोकने को कहा है, वहीं पाकिस्तान ने इसका समर्थन किया है. तुर्की ने पिछले सप्ताह ‘सीरियन कुर्दिश पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिट्स’ (वाईपीजी) के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी जिसे वह अपने क्षेत्र में सक्रिय कुर्द विद्रोहियों की शाखा मानता है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार अभियान में अब तक दर्जनों आम लोग मारे जा चुके हैं और कम से कम एक लाख 60 हजार लोग क्षेत्र से पलायन कर गए हैं.

चीन ने मंगलवार को तुर्की से कहा कि वह उत्तरी सीरिया में जारी अपनी सैन्य कार्रवाई को रोके क्योंकि इससे आईएस के आतंकवादियों को भागने का मौका मिल सकता है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘सीरिया की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकीकरण और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए तथा इसे बरकरार रखा जाना चाहिए.’’

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उन्होंने आगाह किया कि तुर्की के अभियान के चलते आतंकवादी भाग सकते हैं और इस्लामिक स्टेट दोबारा पैर जमाने के लिए इस अवसर का लाभ उठा सकता है. बीजिंग को आशंका है कि आईएस के उइगुर लड़ाकों के लौटने से उसके शिनजियांग प्रांत में अशांति हो सकती है जो व्यापक धरपकड़ के बाद पिछले कुछ वर्षों से शांत है. उइगुर तुर्की भाषा बोलने वाले मुसलमान हैं जिनकी जातीय जड़ें तुर्की से जुड़ी हैं.

वहीं, पाकिस्तान ने उत्तरी सीरिया में तुर्की की सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया है और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन इस महीने के अंत में पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को एर्दोआन से बात की और तुर्की के प्रति पाकिस्तान का समर्थन तथा एकजुटता व्यक्त की. तुर्की की सैन्य कार्रवाई के मुद्दे पर चीन का रुख भारत के रुख के अनुरूप है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 16, 2019 10:46 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).